अमृतसर , फरवरी 11 -- पंजाब के अमृतसर में दो अलग-अलग कार्रवाई में स्टेट स्पेशल ऑपरेशन सेल ( एसएसओसी) ने पाकिस्तान की हिमायत वाले एक ओर आतंकवादी माड्यूल का पर्दाफाश करते बड़ी आतंकवादी साजिश को नाकाम कर दिया है और इन कार्रवाई में गिरफ़्तार किए गए आरोपियो से रिमोट कंट्रोल समेत मटैलिक केस में पैक एक शक्तिशली विस्फोटक उपकरण (आईईडी) और गोली, सिक्के समेत छह विदेशी पिस्तौल बरामद किए हैं।
पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) गौरव यादव ने बुधवार को बताया कि गिरफ़्तार व्यक्तियों की पहचान रोहित अरोड़ा, जो कि अमृतसर के गिलवाली गेट का रहने वाला है और अमृतसर के गांव मीराकोट कलां निवासी हरप्रीत सिंह उर्फ हैपी और शुभम कुमार उर्फ शुभम श्रीवास्तव के तौर पर हुई है, जो सीतापुर, उत्तर प्रदेश के गांव सरोसा का रहने वाला है।
पहली घटना के संबंध में डीजीपी ने बताया कि यह सफलता राज्य पुलिस की तरफ से पाकिस्तान आईएसआई की हिमायत वाले आतंकवादी माॅड्यूल का पर्दाफाश करने उपरांत इसके साथ सम्बन्धित कारकुन, जिसकी पहचान अमृतसर के राहुल कुमार उर्फ गज्जू के तौर पर हुई है, जो आईईडी समेत गिरफ़्तार किए जाने से एक दिन बाद सामने आई है। उन्होंने कहा कि प्राथमिक जांच अनुसार गिरफ़्तार किया गया मुलजिम शुभम कुमार कूटबद्ध प्लेटफार्मों के द्वारा पाकिस्तान- आधारित हैंडलर के संपर्क में था। उन्होंने कहा कि आरोपी से बरामद हुई खेप सरहद पार से भेजी गई थी, जिसको उसने शहर के बाहरवार एक निर्धारित स्थान से प्राप्त किया था।
डीजीपी ने कहा कि यह आईईडी पंजाब और दिल्ली समेत कई राज्यों में योजनाबद्ध हमलों में इस्तेमाल किया जाना था। उन्होंने कहा कि समूचे आतंकवादी नैटवर्क का ख़ात्मा करने के लिए जांच जारी है।
एआईजी एसएसओसी अमृतसर सुखमिन्दर सिंह मान ने कहा कि पुलिस टीमें को एक ठोस जानकारी मिली थी कि पाकिस्तानी संचालकों द्वारा पंजाब, दिल्ली और देश के अलग- अलग हिस्सों में धमाके और आतंकवादी गतिविधियों को अंजाम देने के इरादे के साथ आईईडी और हथियारों की एक खेप पाकिस्तान से ड्रोन के द्वारा भेजी गई है, जिसको उनके भारत में कारकुनौ ने हासिल किया है। प्राप्त जानकारी पर तेज़ी के साथ कार्यवाही करते विशेष पुलिस टीमों का गठन करके एक स्पेशल ऑपरेशन चलाया गया, इस दौरान शक्की शुभम कुमार उर्फ शुभम श्रीवास्तव को गिरफ़्तार कर अमृतसर जालंधर जीटी रोड पर स्थित दरगाह के नज़दीक खाली पड़ी जगह से आईईडी और पिस्तौल को बरामद किया।
एआईजी ने कहा कि जांच मुताबिक गिरफ़्तार किया गया दोषी पूरी तरह कट्टरपंथी है और वह अपने हैंडलर से अच्छे पैसे मिलने के भरोसे के बाद में उत्तर प्रदेश से अमृतसर आया था और उसने अपने हैंडलर के निर्देशों पर शहर के बाहरवार एक निर्धारित स्थान से आईईडी और हथियारों की खेप हासिल की थी। उन्होंने कहा कि इस मामले में जांच जारी है।
एक अन्य घटना में पुलिस ने हथियारों की तस्करी करने वाले माड्यूल का पर्दाफाश करके पांच आधुनिक पिस्तौलों समेत दो आरोपियों को गिरफ़्तार किया है।
श्री यादव ने बताया कि बरामद किए गए पिस्तौलों में तीन 9 एमएम गलौक और दो. 30 बोर पिस्तौल शामिल है। उन्होंने कहा कि प्राथमिक जांच से यह सामने आया है कि उक्त आरोपी सोशल मीडिया प्लेटफार्मों के द्वारा पाकिस्तान आधारित तस्करों के संपर्क में थे। उन्होंने कहा कि हथियारों की खेप ड्रोन के द्वारा भेजी जा रही थी और मुलजिम अपने हैंडलरों के निर्देशों पर इनको आगे स्पलाई करते थे।
डीजीपी ने कहा कि हथियारों के इस ग़ैर- कानूनी नैटवर्क में अगले- पिछले संबंधों का पता लगाने के लिए आगे वाली जांच जारी है।
पुलिस आयुक्त गुरप्रीत सिंह भुल्लर ने बताया कि पूछताछ दौरान आरोपी रोहित अरोड़ा की तरफ से किए गए खुलासों के आधार पर एक ओर आरोपी हरप्रीत सिंह उर्फ हैपी को भी दो गलौक पिस्तौलों समेत गिरफ़्तार कर लिया गया। उन्होंने कहा कि दोनों आरोपी आदतन अपराधी है जिन पर बंदूक की नोक पर लूटपाट, जेल एक्ट, शस्त्रऋ अधिनियम और एनडीपीएस अधिनियम के अंतर्गत पहले भी कई मामले दर्ज है और उक्त दोनों आसानी के साथ पैसा बनाने ( इजी मनी) के इरादे के साथ नशों- हथियारों की तस्करी करते रहे है।
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