अमृतसर , फरवरी 21 -- पंजाब के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण एवं चिकित्सा शिक्षा एवं अनुसंधान मंत्री डॉ बलबीर सिंह ने शनिवार को अमृतसर के सरकारी मेडिकल कॉलेज में तीन दिवसीय अंतरराष्ट्रीय पैथोलॉजी सम्मेलन का उद्घाटन किया। इस सम्मेलन में विश्वभर के प्रमुख पैथोलॉजिस्ट, चिकित्सा शिक्षक, शोधकर्ता और स्वास्थ्य सेवा पेशेवर भाग ले रहे हैं।

डॉ. बलबीर सिंह ने कहा कि एसोसिएशन ऑफ इंडियन पैथोलॉजिस्ट्स इन नॉर्थ अमेरिका (एआईपीएनए) और इंडियन कॉलेज ऑफ पैथोलॉजिस्ट्स (आईसीपी) के तत्वावधान में आयोजित यह सम्मेलन पैथोलॉजी के क्षेत्र में अंतरराष्ट्रीय सहयोग को बढ़ावा देने में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित होगा। उन्होंने कहा कि सम्मेलन का उद्देश्य अत्याधुनिक शोध, नवीन निदान तकनीकों और परिवर्तनकारी शैक्षिक पद्धतियों को साझा करने के लिए एक गतिशील मंच प्रदान करना है। उन्होंने कहा कि इस सम्मेलन में भाग लेकर पैथोलॉजी विशेषज्ञ जो ज्ञान साझा कर रहे हैं, उससे चिकित्सा क्षेत्र को बहुत लाभ होगा। इस दौरान उन्होंने अमृतसर के सरकारी चिकित्सा अस्पताल की समृद्ध विरासत और चिकित्सा क्षेत्र में पैथोलॉजी के महत्व के बारे में भी बताया।

इस अवसर पर स्वास्थ्य मंत्री डॉ बलबीर सिंह ने बताया कि राज्य के सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों के बुनियादी ढांचे में व्यापक सुधार के साथ-साथ अत्याधुनिक उपचार उपकरण भी उपलब्ध कराये गये हैं। इसके अलावा, विशेषज्ञ डॉक्टरों की भर्ती भी की जा रही है। उन्होंने कहा कि आम आदमी क्लीनिकों के माध्यम से राज्य के लोगों को उनके घरों के पास ही गुणवत्तापूर्ण और मुफ्त स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान की जा रही हैं। उन्होंने बताया कि पंजाब सरकार ने मुख्यमंत्री स्वास्थ्य योजना शुरू की है, जिसके तहत राज्य के प्रत्येक परिवार को प्रति वर्ष 10 लाख रुपये तक के मुफ्त उपचार की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी।

सम्मेलन के उद्घाटन सत्र में पंजाब के चिकित्सा शिक्षा एवं अनुसंधान निदेशक डॉ अवनीश कुमार ने कहा कि यह सम्मेलन न केवल वैज्ञानिक उत्कृष्टता का जश्न मनाता है, बल्कि अमृतसर की भावना को भी दर्शाता है। उन्होंने कहा कि अमृतसर, जो अपनी समृद्ध विरासत, आतिथ्य सत्कार और सांस्कृतिक जीवंतता के लिए जाना जाता है, में प्रतिनिधियों को परंपरा और आधुनिकता के अनूठे संगम का अनुभव करने का अवसर मिलेगा।

सम्मेलन के दौरान पंजाब के चिकित्सा शिक्षा एवं अनुसंधान विभाग के संयुक्त निदेशक डॉ. रुपिंदर बख्शी, डॉ. कर्नल मिश्रा, डॉ. ऋतंबरा, डॉ. परमीत बग्गा, डॉ. के.डी. सिंह, डॉ. करमजीत सिंह, डॉ. जे.पी. अटारी, डॉ. विजय बोदल, डॉ. गिल और डॉ. जसप्रीत सिंह ने भी भाग लिया और अपने बहुमूल्य विचार साझा किए। अमृतसर के सरकारी मेडिकल कॉलेज के डॉ. विनय कुमार शिकागो से वर्चुअल माध्यम से सम्मेलन में शामिल हुए और पैथोलॉजी के क्षेत्र में अपने शोध के बारे में जानकारी दी।

इस दौरान डॉ अवनीश कुमार ने कृत्रिम बुद्धिमत्ता के युग में नयी तकनीकों के परिचय पर जोर दिया। सम्मेलन में अमेरिका के प्रख्यात विशेषज्ञों सहित कई वक्ताओं ने भाग लिया, जिनकी भागीदारी चिकित्सा विज्ञान को आगे बढ़ाने में वैश्विक साझेदारी की शक्ति को उजागर करती है।

पैथोलॉजी विभाग की प्रमुख प्रोफेसर डॉ परमीत कौर बग्गा ने चिकित्सा की नींव के रूप में पैथोलॉजी की भूमिका पर जोर दिया और आधुनिक शिक्षण विधियों के साथ वास्तविक दुनिया के नैदानिक उदाहरणों को एकीकृत करने के महत्व पर प्रकाश डाला। तीन दिवसीय सम्मेलन में मुख्य व्याख्यान, संवादात्मक कार्यशालाएं, पोस्टर प्रस्तुतियां और पैनल चर्चाएं होंगी, जिनमें आणविक विकृति विज्ञान, रक्त विज्ञान, ऑन्कोपैथोलॉजी और प्रयोगशाला चिकित्सा में प्रगति जैसे विविध विषयों को शामिल किया जाएगा। विशेष सत्रों में चिकित्सा शिक्षा, विकृति विज्ञान में दृश्य संचार और निदान अभ्यास में प्रौद्योगिकी के एकीकरण पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा।

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