कोलकाता/नयी दिल्ली , दिसंबर 31 -- केंद्रीय गृह मंत्री और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के वरिष्ठ नेता अमित शाह ने बुधवार को कोलकाता में आगामी विधानसभा चुनाव की तैयारी को लेकर पश्चिम बंगाल के सांसदों, विधायकों, कोर ग्रुप सदस्यों और प्रवासी कार्यकर्ताओं के साथ एक अहम रणनीतिक बैठक की।
श्री शाह ने बैठक में पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं को जीत का मंत्र दिया और जी जान से तैयारी में जुटने का आह्वान भी किया। ज्ञात रहे कि श्री शाह आगामी चुनाव की तैयारी को लेकर पश्चिम बंगाल के तीन दिवसीय दौरे पर हैं। श्री शाह के साथ पार्टी नेताओं की बैठक का मुख्य उद्देश्य राज्य में संगठन को मजबूत करना, जमीनी स्तर पर कार्यकर्ताओं को सक्रिय करना और चुनावी रोडमैप तय करना रहा। वहीं शाह ने एक दिन पहले संवाददाता सम्मेलन में ममता बनर्जी पर हमला बोलते हुये दावा किया था कि आगामी चुनाव में भाजपा दो तिहाई बहुमत से सरकार बनाने जा रही है।
श्री शाह ने बैठक को संबोधित करते हुये कहा कि पश्चिम बंगाल स्वतंत्रता संग्राम से लेकर धार्मिक, सांस्कृतिक और बौद्धिक पुनर्जागरण का केंद्र रहा है। लेकिन आज तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) की तुष्टीकरण की राजनीति के कारण बंगाल अपनी पहचान और सुरक्षा दोनों के संकट से गुजर रहा है।
श्री शाह ने टीएमसी सरकार पर घुसपैठियों को वोट बैंक के रूप में इस्तेमाल करते हुये ममता सरकार पर निशाना साधते हुये कहा कि राज्य की कानून-व्यवस्था, सामाजिक संतुलन और स्थानीय नागरिकों के अधिकारों पर खतरा बढ़ा है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि भाजपा का लक्ष्य सिर्फ चुनाव जीतना नहीं, बल्कि बंगाल को घुसपैठिया मुक्त बनाना है।
उन्होंने कार्यकर्ताओं से घर-घर जाकर जनता को जागरूक करने और टीएमसी सरकार की नीतियों से हुए नुकसान को सामने लाने का भी आह्वान किया। श्री शाह ने कहा, "भाजपा का एक-एक कार्यकर्ता इस विधानसभा चुनाव में पूरी ताकत से जुटेगा और प्रदेश में भाजपा की सरकार बनाने में कोई कसर नहीं छोड़ेगा।"उन्होंने दावा किया कि इस बार का विधानसभा चुनाव बंगाल के भविष्य का चुनाव है। उन्होंने कहा कि घुसपैठियों को संरक्षण देने वाली टीएमसी सरकार की विदाई इस चुनाव में निश्चित है। जनता अब बदलाव चाहती है और भाजपा ही वह विकल्प है जो राज्य में विकास, सुरक्षा और सुशासन दे सकती है।
श्री शाह ने बैठक में संगठनात्मक मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की। श्री शाह ने बूथ स्तर पर संगठन को मजबूत करने, नए मतदाताओं से संपर्क बढ़ाने और सोशल मीडिया के प्रभावी उपयोग पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि हर कार्यकर्ता को अपनी जिम्मेदारी समझनी होगी और जनता के बीच भाजपा की नीतियों और केंद्र सरकार की उपलब्धियों को मजबूती से रखना होगा।
श्री शाह ने बैठक में प्रवासी कार्यकर्ताओं की भूमिका को भी महत्वपूर्ण बताते हुये कहा कि वह अपने अनुभव और संगठन क्षमता के माध्यम से बंगाल में पार्टी को मजबूती देने में अहम योगदान देंगे। उन्होंने समन्वय और अनुशासन के साथ काम करने का संदेश दिया।
उन्होंने भरोसा दिलाया कि बंगाल में भाजपा की सरकार बनने पर अवैध घुसपैठ पर सख्त कार्रवाई की जाएगी, कानून-व्यवस्था मजबूत की जाएगी और राज्य के युवाओं, किसानों और महिलाओं के लिए विकास के नए अवसर खोले जाएंगे। उन्होंने कहा कि बंगाल को फिर से उसकी गौरवशाली पहचान दिलाना भाजपा का लक्ष्य है।
श्री शाह ने कार्यकर्ताओं में जोश भरते हुए कहा कि यह चुनाव सिर्फ सत्ता परिवर्तन का नहीं, बल्कि बंगाल की सुरक्षा, संस्कृति और भविष्य को बचाने का चुनाव है। पार्टी नेतृत्व और कार्यकर्ताओं के उत्साह से स्पष्ट है कि भाजपा आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर पूरी तरह से मैदान में उतर चुकी है।
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