श्रीगंगानगर , अप्रैल 04 -- राजस्थान में श्रीगंगानगर की एक अदालत ने अमानक दवा निर्माण और बिक्री करने के आरोपियों को शनिवार को दोषी करार देते हुए तीन-तीन वर्ष के कारावास की सजा सुनाई।

जिला एवं सत्र न्यायाधीश रविंद्र कुमार गक्खड़ ने अभियुक्त महेंद्रकुमार, राजेंद्र, बनवारीलाल और रामगोपाल को अमानक दवाओं के निर्माण एवं बिक्री करने का दोषी मानते हुए प्रत्येक पर एक लाख 40 हजार रुपये का जुर्माना भी किया।

मामले के अनुसार वर्ष 2011 में एक अभियुक्त की वीके ड्रग्स एंड सर्जिकल्स नामक केमिस्ट दुकान का आकस्मिक निरीक्षण किया था। इस दौरान सिप्रोफ्लोकसोसिन टैबलेट में सक्रिय साल्ट अमानक पाया गया था।

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