अमरोहा , फरवरी 16 -- उत्तर प्रदेश के अमरोहा जिला एवं सत्र न्यायालय को सोमवार सुबह बम से उड़ाने की धमकी भरा ईमेल प्राप्त हुआ। सूचना पर पुलिस व प्रशासन ने न्यायालय परिसर की सघन तलाशी कराई, लेकिन कोई विस्फोटक सामग्री बरामद नहीं हुई। पुलिस ने प्रथम दृष्टया इसे झूठी धमकी (होक्स) बताया है।

आधिकारिक सूत्रों के अनुसार न्यायालय की आधिकारिक ईमेल आईडी पर सुबह लगभग 8:38 बजे एक अज्ञात प्रेषक की ओर से संदेश प्राप्त हुआ, जिसमें न्यायालय परिसर में बम लगाए जाने और दोपहर 12:15 बजे विस्फोट की चेतावनी दी गई थी। ईमेल में जज के चैंबर में आरडीएक्स आधारित इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस लगाए जाने का दावा किया गया था। संदेश में तमिलनाडु में ईडब्ल्यूएस आरक्षण लागू करने का विरोध दर्ज करते हुए कथित रूप से एलटीटीई और पाकिस्तान की आईएसआई के नाम से जिम्मेदारी ली गई थी।

धमकी मिलते ही जिला जज ने पुलिस व प्रशासनिक अधिकारियों को सूचना दी। बार एसोसिएशन के अध्यक्ष सलीम खान एडवोकेट को भी अवगत कराया गया। इसके बाद न्यायालय परिसर को अलर्ट कर डॉग स्क्वॉड और बम निरोधक दस्ता तैनात कर सर्च अभियान चलाया गया। जांच के दौरान कोई संदिग्ध वस्तु या विस्फोटक सामग्री नहीं मिली।

पुलिस के अनुसार साइबर सेल ईमेल का तकनीकी विश्लेषण कर प्रेषक की पहचान और स्रोत का पता लगाने में जुटी है। प्रकरण में विधिक कार्रवाई की जा रही है।

सूत्रों ने बताया कि इसी प्रकार के धमकी भरे ईमेल सोमवार को वाराणसी, अयोध्या, मेरठ, लखनऊ, अलीगढ़ और आजमगढ़ सहित प्रदेश के कई अन्य जिलों की अदालतों को भी प्राप्त हुए हैं। पूरे प्रदेश में एहतियातन हाई अलर्ट घोषित किया गया है और एंटी टेररिज्म स्क्वॉड मामले की जांच कर रही है।

प्रशासन ने न्यायालय परिसर में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी है तथा लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने और सतर्क रहने की अपील की है।

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