पटना , अप्रैल 06 -- बिहार के कृषि मंत्री राम कृपाल यादव ने सोमवार को कहा कि अमरूद बिहार के लिए केवल एक फल फसल नहीं, बल्कि पोषण सुरक्षा, किसानों की आय वृद्धि तथा कृषि विविधीकरण का सशक्त माध्यम बनकर उभर रहा है।
श्री यादव ने आज कहा कि बिहार की विविध जलवायु परिस्थितियाँ अमरूद उत्पादन के लिए अत्यंत अनुकूल हैं। उन्होंने कहा कि अमरूद कम लागत वाली बागवानी फसल है, जो हल्की बलुई से लेकर भारी दोमट मिट्टी तक में सफलतापूर्वक उगाई जा सकती है। यह फसल सूखा सहन करने में सक्षम है तथा सीमांत भूमि पर भी अच्छी आय देने की क्षमता रखती है, जिससे बिहार के किसानों के लिए यह एक व्यवहारिक एवं लाभकारी विकल्प बनती जा रही है।
कृषि मंत्री ने कहा कि अमरूद राज्य की प्रमुख फल फसलों में शामिल है और किसानों की आय बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। इसकी मांग पूरे वर्ष बनी रहती है, जिससे किसानों को नियमित एवं स्थिर आय प्राप्त होती है। इसके अलावा अमरूद से जैम, जेली, जूस, स्क्वैश एवं अन्य प्रसंस्कृत उत्पाद तैयार किए जाते हैं, जिससे मूल्य संवर्धन के साथ ग्रामीण स्तर पर रोजगार के नए अवसर भी सृजित होते हैं।
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