खैरागढ़ , जनवरी 29 -- ) छत्तीसगढ़ के खैरागढ़ स्थित स्थानीय रुख्खड़ स्वामी मंदिर परिसर में आगामी 10 से 16 फरवरी तक आयोजित होने वाले महामृत्युंजय यज्ञ, महारुद्राभिषेक और हनुमान महाअभिषेक की तैयारियां प्रारंभ हो गई हैं। धार्मिक अनुष्ठानों की पवित्रता एवं परंपरा को बनाए रखने के उद्देश्य से मंगलवार को माँ नर्मदा के उद्गम स्थल अमरकंटक से विशेष रूप से पवित्र नर्मदा जल लाया गया। इसी जल से सभी वैदिक अनुष्ठान संपन्न किए जाएंगे।

श्री रुख्खड़ स्वामी ट्रस्ट समिति के अध्यक्ष रामकुमार सिंह के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल अमरकंटक पहुंचा, जहां विधि-विधान से नर्मदा जल संग्रह किया गया। इस अवसर पर ट्रस्ट के उपाध्यक्ष भागवत शरण सिंह, सचिव अनुज गुप्ता, महंत प्रमोद गिरी गोस्वामी, बजरंग दल संयोजक शिशिर मिश्रा सहित अन्य पदाधिकारी एवं श्रद्धालु उपस्थित रहे।

ट्रस्ट समिति के पदाधिकारियों ने बताया कि यह आयोजन केवल धार्मिक अनुष्ठान ही नहीं, बल्कि खैरागढ़ की ऐतिहासिक एवं आध्यात्मिक परंपरा का जीवंत प्रतीक है।

बाबा रुख्खड़ स्वामी और माँ नर्मदा का ऐतिहासिक संबंधित मान्यताओं के अनुसार, 17वीं शताब्दी में बाबा श्री रुख्खड़ स्वामी अमरकंटक से मैकल पर्वत पार कर खैरागढ़ पहुंचे थे। कहा जाता है कि वे प्रतिदिन पैदल यात्रा कर माँ नर्मदा के दर्शन एवं स्नान के लिए जाते थे। लोककथाओं के अनुसार, बाबा के आग्रह पर ही माँ नर्मदा गंडई के समीप चकनार में अवतरित हुई थीं। इसी आध्यात्मिक परंपरा के निर्वहन हेतु प्रतिवर्ष विशेष अनुष्ठानों का आयोजन किया जाता है।

ट्रस्ट समिति ने क्षेत्रवासियों से अधिक संख्या में पहुंचकर धार्मिक आयोजनों में सहभागिता निभाने की अपील की है।

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