लखनऊ , जनवरी 16 -- देश के हजारों किसान आज भी ऐसी जमीन पर खेती करने को मजबूर हैं, जहां मिट्टी और पानी में आर्सेनिक जैसा खतरनाक जहर घुल चुका है। स्थिति इसलिए भी तब गंभीर हो जाती हैं, जब पालक जैसी हरी पत्तेदार सब्जियां आर्सेनिक को तेजी से अपने भीतर जमा कर लेती हैं।
विशेषज्ञ मानते हैं कि लंबे समय तक ऐसी सब्जियों का सेवन करने से कैंसर, नसों की बीमारियों और दिल से जुड़ी समस्याओं का खतरा बढ़ सकता है। पश्चिम बंगाल, बिहार, उत्तर प्रदेश, असम और पंजाब जैसे कई राज्यों में यह चुनौती लगातार बढ़ रही है लेकिन अब इस समस्या के समाधान की दिशा में लखनऊ विश्वविद्यालय के वैज्ञानिकों ने एक ऐसी तकनीक विकसित की है, जो किसानों और उपभोक्ताओं दोनों के लिए नई उम्मीद बन सकती है।
विश्वविद्यालय के वनस्पति विज्ञान विभाग में प्रो. मोहम्मद इसराईल अंसारी के नेतृत्व में शोधकर्ताओं ने सिल्वर क्वांटम डॉट्स नामक बेहद सूक्ष्म कणों का इस्तेमाल कर पालक को आर्सेनिक से बचाने का तरीका खोज निकाला है। यह शोध नीदरलैंड की प्रतिष्ठित पत्रिका 'प्लांट स्ट्रेस' में प्रकाशित हुआ है।
शुक्रवार को प्रो. मोहम्मद इसराईल अंसारी ने बताया कि ये क्वांटम डॉट्स किसी रासायनिक फैक्ट्री में नहीं, बल्कि पालक की पत्तियों से ही हरित प्रक्रिया (ग्रीन टेक्नोलॉजी) के जरिए तैयार किए गए हैं। जब इन सूक्ष्म कणों को आर्सेनिक प्रभावित मिट्टी में प्रयोग किया गया, तो वे पौधों की कोशिकाओं के भीतर जाकर सक्रिय हो गए। परिणाम यह हुआ कि जड़ों से पत्तियों तक आर्सेनिक का सफर बाधित हो गया और खाने योग्य पत्तियों में इसका जमाव काफी कम हो गया।
उनका कहना है कि केवल इतना ही नहीं ये कण पौधों की अंदरूनी रक्षा प्रणाली को भी मजबूत करते हैं। इससे पालक प्रदूषित माहौल में भी बेहतर तरीके से बढ़ पाती है। पत्तियां ज्यादा हरी, पौधा ज्यादा मजबूत, और उत्पादन बेहतर रहा। साथ ही पानी का संतुलन भी बना रहा।
प्रो. अंसारी का कहना है कि आर्सेनिक प्रदूषण खाद्य सुरक्षा को बड़ा नुकसान पहुंचा रहा है। ऐसे में यह तकनीक आर्सेनिक प्रभावित क्षेत्रों के लिए गेमचेंजर साबित हो सकती है। इससे किसान सुरक्षित और उच्च गुणवत्ता वाली सब्जियां उगा सकेंगे और उपभोक्ता जहरीले भोजन से बच पाएंगे।
उन्होंने कहा कि छोटे से दिखने वाले ये क्वांटम डॉट्स भविष्य में एक बड़ी समस्या का समाधान बन सकते हैं और शायद आने वाले समय में किसानों की खेती को फिर से सुरक्षित और भरोसेमंद बना दें।
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