रायपुर , मार्च 11 -- छत्तीसगढ़ के बलरामपुर-रामानुजगंज जिले में सामने आई अफीम की खेती के मामले ने राज्य की राजनीति में नया विवाद खड़ा कर दिया है। इस मुद्दे को लेकर कांग्रेस और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज हो गया है।
कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव और विधायक भूपेश बघेल ने बुधवार सुबह इस मामले को लेकर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय पर तंज कसा। उन्होंने "अफीम की गारंटी" लिखते हुए मुख्यमंत्री का एक पुराना भाषण सोशल मीडिया पर वायरल किया। वायरल वीडियो में अफीम की खेती से संबंधित खबरों को भी जगह दी गई है, जिसे लेकर राजनीतिक बहस तेज हो गई है।
उल्लेखनीय है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के रायपुर प्रवास के दौरान मुख्यमंत्री साय ने अपने भाषण में कहा था कि भाजपा ने वर्ष 2023 के चुनावों में संकल्प पत्र के तथ्यों को "मोदी की गारंटी" के रूप में प्रस्तुत किया था। उन्होंने कहा था कि मोदी की गारंटी का अर्थ है वादों के पूरा होने की गारंटी और उनकी सरकार ने अपने 22-23 महीने के कार्यकाल में ही मोदी की गारंटी को पूरा किया है।
मुख्यमंत्री के इसी भाषण के संदर्भ में श्री बघेल ने "अफीम की गारंटी" लिखकर सरकार पर कटाक्ष किया है। इस टिप्पणी के बाद भाजपा की ओर से भी तीखी प्रतिक्रिया सामने आई है। भाजपा के प्रवक्ता शिवनारायण पांडेय ने श्री बघेल के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए उन्हें "मगरमच्छ" की कार्यशैली वाला नेता बताया।
यूनीवार्ता से बातचीत में श्री पांडेय ने कहा कि श्री बघेल ने मगरमच्छ की कार्यशैली में सरकार चलाई थी, जहां नेताओं और अधिकारियों ने लूट-खसोट मचा रखी थी। उन्होंने कहा कि उस कार्यशैली को बदलने के लिए श्री साय पूरी ईमानदारी से प्रयास कर रहे हैं। मुख्यमंत्री साय सहज हैं, सरल सोच के व्यक्ति हैं, वो सही सोच के साथ काम कर रहे हैं।
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