बागपत , जनवरी 15 -- बागपत जिले में बागपत व रमाला शुगर मिलों का गुरुवार को गन्ना एवं चीनी उद्योग विभाग की अपर मुख्य सचिव मीणा कुमारी वीणा ने औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने मिल की उत्पादन व्यवस्था, तकनीकी संचालन, गुणवत्ता नियंत्रण और किसानों को दी जा रही सुविधाओं की विस्तार से समीक्षा की।

अपर मुख्य सचिव ने मिल हाउस, बॉयलिंग हाउस, क्रशिंग सेक्शन तथा तैयार चीनी की गुणवत्ता की जांच की। प्रयोगशाला में किए जा रहे गुणवत्ता परीक्षण, रिकवरी प्रतिशत और उत्पादन प्रक्रिया के विभिन्न चरणों का अवलोकन करते हुए उन्होंने संतोष व्यक्त किया। बाह्य क्रय केंद्रों से आने वाले गन्ने की गुणवत्ता में और सुधार लाने के निर्देश दिए, ताकि रिकवरी बढ़े और किसानों को अधिक लाभ मिल सके।

निरीक्षण के दौरान अपर मुख्य सचिव ने स्पष्ट किया कि चीनी मिलों के संचालन में किसानों की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण है। उन्होंने अधिकारियों और मिल प्रबंधन को निर्देश दिए कि मिल परिसर में किसानों को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो। गन्ना तौल, पर्ची व्यवस्था, कतार प्रबंधन, वाहन पार्किंग, छाया, पेयजल, शौचालय तथा पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था जैसी सभी मूलभूत सुविधाएं अनिवार्य रूप से उपलब्ध कराई जाएं। किसानों के साथ शालीन, सम्मानजनक और सहयोगात्मक व्यवहार सुनिश्चित करने पर भी उन्होंने विशेष बल दिया।

मिल परिसर की व्यवस्थाओं की समीक्षा करते हुए अपर मुख्य सचिव ने पारदर्शिता और समयबद्धता को सर्वोपरि बताया। उन्होंने तौल कांटों की नियमित जांच, गन्ना वाहनों की सुचारु आवाजाही और त्वरित अनलोडिंग व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इससे किसानों का समय बचेगा और मिल के प्रति उनका भरोसा और मजबूत होगा। इस दौरान उन्होंने उत्पादन और सुरक्षा मानकों की भी समीक्षा की। बॉयलिंग हाउस में तापमान नियंत्रण, ईंधन दक्षता, मशीनरी की सुरक्षा तथा श्रमिकों के लिए सुरक्षा उपकरणों की उपलब्धता का जायजा लिया। अपर मुख्य सचिव ने पर्यावरण संरक्षण की दृष्टि से अपशिष्ट प्रबंधन, जल संरक्षण और स्वच्छता से जुड़े उपायों की जानकारी ली और आवश्यक सुधारात्मक निर्देश दिए।

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