जशपुर , अप्रैल 11 -- छत्तीसगढ़ में जशपुर जिले में कानून-व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने और लंबित प्रकरणों के त्वरित निराकरण के लिए पुलिस प्रशासन ने व्यापक समीक्षा बैठक आयोजित कर आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किये हैं।
अपराध नियंत्रण, विवेचना की गुणवत्ता और जनसुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर शनिवार को हुई बैठक में विस्तार से चर्चा की गयी।
पुलिस उप महानिरीक्षक (डीआईजी) कार्यालय से मिली जानकारी के अनुसार,पुलिस कार्यालय जशपुर में आयोजित इस बैठक में डीआईजी एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. लाल उमेद सिंह ने अनुविभागवार लंबित अपराध, चालान, मर्ग और शिकायतों की बिंदुवार समीक्षा की। अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि पुराने मामलों के निराकरण के लिए विशेष अभियान चलाकर तेजी लायी जाये तथा लंबित पीएम और एफएसएल रिपोर्ट समयबद्ध तरीके से प्राप्त कर प्रकरणों का निष्पादन सुनिश्चित किया जाये।
बैठक में लोक अभियोजन अधिकारियों ने एनडीपीएस एक्ट के तहत 'चेन ऑफ कस्टडी' की महत्ता, जब्ती, सैंपलिंग और मालखाना प्रबंधन की प्रक्रिया पर विस्तार से जानकारी दी। विवेचना में तकनीकी और प्रक्रियागत त्रुटियों के कारण न्यायालय में आरोपियों को मिलने वाले लाभ पर भी प्रकाश डाला गया। अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि सभी प्रकरणों में विधिसम्मत प्रक्रिया का कड़ाई से पालन करते हुए साक्ष्यों को मजबूत बनाया जाये।
वरिष्ठ अधिकारियों ने गौ-तस्करी, अवैध शराब, मादक पदार्थों की तस्करी, जुआ-सट्टा और अन्य अवैध गतिविधियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिये। सीमावर्ती क्षेत्रों और अंतरराज्यीय मार्गों पर नाकाबंदी कर सघन जांच अभियान चलाने तथा संदिग्ध गतिविधियों पर सतत निगरानी रखने को कहा गया।
यातायात नियमों के उल्लंघन, नशे में वाहन चलाने और ओवरस्पीड पर विशेष अभियान चलाने के निर्देश भी दिए गए। साथ ही पुलिस मितान के सहयोग से जिले में जनजागरूकता अभियान चलाकर आमजन को कानून के प्रति जागरूक करने पर बल दिया गया।
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