पटना , फरवरी 02 -- बिहार के राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान ने सोमवार को कहा कि राज्य सरकार ने अपराध पर नियंत्रण और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए व्यापक कदम उठाये हैं।
राज्यपाल श्री खान ने आज बजट सत्र के पहले दिन राज्य विधानमंडल के संयुक्त संबोधन में कहा कि नवंबर 2005 से कानून-व्यवस्था सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता रही है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार की तरफ से अपराध नियंत्रण और कानून-व्यवस्था कायम करने के लिए व्यापक कदम उठाए गए हैं। उन्होंने कहा कि पहले प्रदेश में पुलिस बल की संख्या बहुत सीमित थी, लेकिन 2006 से इसमें लगातार बढोतरी हुई और अब यह लगभग 1.29 लाख कर्मियों तक पहुँच चुकी है। उन्होंने कहा कि राज्य में महिला पुलिस कर्मियों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है, जिससे बिहार महिला पुलिस बल के मामले में देश में सबसे ज्यादा संख्या वाला प्रदेश बन गया है।
श्री खान ने कहा कि पुलिस थानों की संख्या 814 से बढ़कर 1,380 से अधिक हो गई है और आपातकालीन सेवा 'डायल 112' शुरू की गई है, जिसके माध्यम से 52 लाख से अधिक लोगों को सहायता मिली है।
राज्यपाल ने कहा कि यह राज्य सरकार के प्रयासों का प्रतिफल है कि प्रदेश में किसी भी सांप्रदायिक तनाव की स्थिति में त्वरित प्रशासनिक कार्रवाई की व्यवस्था संभव हो पाई है और राज्य में सामाजिक सौहार्द तथा सद्भाव का वातावरण तैयार हुआ है। उन्होंने उल्लेख किया कि मुस्लिम कब्रिस्तानों और हिंदू मंदिरों की घेराबंदी (फेंसिंग) से विवादों और चोरी की घटनाओं को रोकने में मदद मिली है।
श्री खान ने शिक्षा सुधारों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि बड़ी संख्या में स्कूल खोले गए हैं और मध्याह्न भोजन, यूनिफॉर्म, साइकिल तथा आधारभूत संरचना सुदृढ़ीकरण जैसी योजनाएँ लागू की गई हैं। बालिका शिक्षा पर विशेष जोर दिया गया है और प्रत्येक पंचायत में उच्च माध्यमिक विद्यालय खोले गए हैं। वर्ष 2006 से स्थानीय निकायों के माध्यम से 3.68 लाख शिक्षकों की नियुक्ति की गई है और 2023 से बिहार लोक सेवा आयोग के जरिए 2.58 लाख शिक्षकों की बहाली हुई है।
राज्यपाल श्री खान ने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं में भी बड़े सुधार हुए हैं और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में मरीजों की संख्या में तेज वृद्धि हुई है। उन्होंने कहा कि सरकारी मेडिकल कॉलेजों की संख्या छह से बढ़कर 12 हो गई है और नए कॉलेजों का निर्माण कार्य जारी है। प्रमुख अस्पतालों में बिस्तर बढाये गये है और सुविधाओं में सुधार किया जा रहा है।
श्री खान ने कहा कि सड़कों और पुलों के व्यापक निर्माण से दूर-दराज क्षेत्रों से पटना की यात्रा का समय घटकर लगभग पाँच घंटे रह गया है। नए एक्सप्रेसवे और चौड़ी सड़कों से संपर्क और बेहतर हो रहा है।
राज्यपाल ने महिला सशक्तिकरण पर की चर्चा की और कहा कि 2006-07 में पंचायती राज संस्थाओं और शहरी स्थानीय निकायों में महिलाओं को 50 प्रतिशत आरक्षण दिया गया, जबकि पुलिस और सरकारी नौकरियों में महिलाओं के लिए 35 प्रतिशत आरक्षण का प्रावधान किया गया है। उन्होंने कहा कि इस समय प्रदेश में 11 लाख से ज्यादा जीविका स्वयं सहायता समूह काम कर रहे हैं, जिससे 1.4 करोड़ से अधिक महिलाएँ लाभान्वित हुई हैं और शहरी क्षेत्रों में भी इसका तेजी से विस्तार हो रहा है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना के तहत प्रत्येक परिवार की एक महिला को 10,000 रुपये की वित्तीय सहायता दी गई है। उन्होंने कहा कि सफल उद्यमी महिलाओं को व्यवसाय को बढाने के लिए दो लाख रुपये तक की अतिरिक्त सहायता भी प्रदान की जाएगी।
श्री खान ने कहा कि पेंशन योजनाओं पर विशेष ध्यान दिया गया है और जून 2025 से वृद्ध, दिव्यांग और विधवा लाभार्थियों के लिए मासिक राशि 400 रुपये से बढ़ाकर 1,100 रुपये कर दी गई है, जिससे 14 लाख से अधिक लोग लाभान्वित होंगे।
राज्यपाल ने कृषि के क्षेत्र में हुई प्रगति का भी उल्लेख किया, जिससे अनाज, फल, सब्जी, दूध, अंडा, मांस और मछली के उत्पादन में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है और बिहार मत्स्य पालन में आत्मनिर्भर बना है।
राज्यपाल श्री खान ने सदस्यों से बिहार के विकास में रचनात्मक भूमिका निभाने का आह्वान किया और विश्वास व्यक्त किया कि बजट सत्र विकसित बिहार के निर्माण और सभी के लिए समृद्धि सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण योगदान देगा।
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