चेन्नई , फरवरी 20 -- तमिलनाडु में अन्नाद्रमुक और राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) से निकाले गए नेता श्री ओ पन्नीरसेल्वम (ओपीएस) शुक्रवार को राज्य के मुख्यमंत्री और द्रविड़ मुनेत्र कषगम (द्रमुक) अध्यक्ष एमके स्टालिन से दो बार मिले, जिससे विधानसभा चुनाव से पहले संभावित गठबंधन की अटकलें तेज हो गईं।

अन्नाद्रमुक से निकाले गए और फिर से शामिल होने की उनकी बार-बार की कोशिशें बेकार होने के बाद ओपीएस अपने बेटे और पूर्व सांसद रवींद्रनाथ के साथ श्री स्टालिन से मिले और कुछ समय तक उनके साथ रहे। मुलाकात के दौरान उन्होंने एक-दूसरे का हाल-चाल भी जाना।

ऐसे समय में जब अन्नाद्रमुक ने पार्टी में उनके वापस आने की बढ़ती मांग के बावजूद अपने दरवाजे पूरी तरह बंद कर लिए थे और राजग में वापस लौटने की उनकी कोशिशें भी धराशायी हो गईं क्योंकि उन्हें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह जैसे नेताओं की किसी भी चुनावी रैली में उन्हें नहीं बुलाया गया और उनकी उपेक्षा की गई, तब ओपीएस अपने राजनीतिक भविष्य के बारे में सोचने लगे।

तमिलनाडु के तीन बार मुख्यमंत्री रह चुके ओपीएस ने श्री स्टालिन से मुलाकात की, जिससे संभावित गठबंधन के कयासों को हवा मिली। इस कयास को तब और बल मिला जब श्री ओपीसी के समर्थक और उसिलामपट्टी के विधायक अयप्पन ने विधानसभा में बोलते हुए श्री स्टालिन के नेतृत्व वाली डीएमके के पांच साल के शासन की तारीफ की।

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