चेन्नई , मार्च 22 -- अखिल भारतीय अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कषगम (अन्नाद्रमुक) ने रविवार को पुडुचेरी में 9 अप्रैल को होने वाले विधानसभा चुनावों के लिए अपने दो उम्मीदवारों की घोषणा की। राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन(राजग) में समझौते के तहत उसे दो सीटें आवंटित की गई थीं।
अन्नाद्रमुक को मुख्यमंत्री एन. रंगासामी के नेतृत्व वाली सत्तारूढ़ ऑल इंडिया एन.आर. कांग्रेस (एआईएनआरसी) और भाजपा से सीट बंटवारे समझौते के तहत केन्द्र शासित प्रदेश में ऊप्पलम और ओरलियनपेट सीटें आवंटित की गई हैं।
यहां जारी एक बयान में, अन्नाद्रमुक के महासचिव एदप्पादी के. पलानीस्वामी ने कहा कि अन्नाद्रमुक के राज्य सचिव और पूर्व विधायक अंबलगन ऊप्पलम से चुनाव लड़ेंगे, जबकि पार्टी के पूर्व राज्य उप-सचिव ए. गांधी ओरलियनपेट सीट के लिए उम्मीदवार हैं।
समझौते के अनुसार, एआईएनआरसी कुल विधानसभा सीटों में से 16 पर चुनाव लड़ेगी, जबकि शेष 14 सीटें भाजपा को आवंटित की गई हैं। भाजपा ने अपनी कोटा से दो-दो सीटें अन्नाद्रमुक और नवगठित लक्ष्य जननायक काची (एलजेएस) को दी हैं।
कल नामांकन दाखिल करने की अंतिम तिथि होने के बावजूद विपक्षी कांग्रेस और द्रविड़ मुनेत्र कषगम (द्रमुक) वाले गठबंधन में अभी भी भ्रम की स्थिति बनी हुई है, क्योंकि सीट बंटवारे की संख्या को लेकर मतभेद जारी हैं। संबंधों में एक और परेशानी यह है कि दोनों पार्टियां केन्द्र शासित प्रदेश में गठबंधन का नेतृत्व करना चाहती हैं।
कांग्रेस के पास पुडुचेरी में अच्छा मौका है क्योंकि उसने अतीत में कई बार वहां सरकार का नेतृत्व किया है। कांग्रेस का तर्क है कि द्रमुक पड़ोसी राज्य तमिलनाडु में गठबंधन का नेतृत्व कर रही है, तो यह स्वाभाविक है कि राष्ट्रीय पार्टी को ही केन्द्र शासित प्रदेश में नेतृत्व का अवसर मिलना चाहिए। इस वजह से कांग्रेस पुडुचेरी में अधिक संख्या में सीटों पर चुनाव लड़ने पर जोर दे रही है। दूसरी ओर द्रमुक भी गठबंधन प्रमुख के रूप में अधिक सीटों पर चुनाव लड़ना चाहती है।
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