हमीरपुर , मार्च 06 -- हिमाचल प्रदेश के हमीरपुर से भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सांसद अनुराग ठाकुर ने बैंकों को कर्ज बांटने और वित्तीय समावेशन को मजबूत करने का निर्देश दिया है।
उल्लेखनीय है कि श्री ठाकुर ने गुरुवार शाम को हमीर भवन में जिला स्तरीय समीक्षा कमेटी (डीएलआरसी) और जिला परामर्श कमेटी (डीसीसी) की बैठक में हिस्सा लिया, जिसकी अध्यक्षता हमीरपुर के उपायुक्त गंधर्व राठौर ने की। ऋण जमा अनुपात (सीडीआर) पर इससे पहले विशेष उप समिति की बैठक भी हुई।
बैठक में भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) और नाबार्ड के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ-साथ जिले के सभी अनुसूचित वाणिज्यिक बैंकों, सहकारी बैंकों और क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों के प्रतिनिधि मौजूद थे।
श्री ठाकुर ने बैठक में हमीरपुर जिले में ऋण-जमा अनुपात को लेकर गंभीर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि दिसंबर 2025 तिमाही के आखिर तक हमीरपुर का सीडीआर सिर्फ 23.39 प्रतिशत था, जो 60 प्रतिशत के राष्ट्रीय मानक और हिमाचल प्रदेश के औसत 51.09 प्रतिशत से काफी कम है। उन्होंने कहा कि पिछले कई सालों से हमीरपुर जिले का ऋण जमा अनुपात राज्य में सबसे कम 22 से 25 प्रतिशत के बीच रहा है।
श्री ठाकुर ने कहा कि हमीरपुर के लोग अपनी मेहनत की कमाई बैंकों में जमा करते हैं और यह बैंकों की जिम्मेदारी है कि यह पैसा ऋण और मौकों के रूप में जनता तक पहुंचे। उन्होंने कहा कि 23 प्रतिशत का ऋण जमा अनुपात मंजूर नहीं है, यानी हमीरपुर में जमा किए गए हर 100 रुपये पर, लगभग 23 रुपये ही ऋण के रूप में वापस मिल रहे हैं, जिसे बदलने की जरूरत है।
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