नागपुर , मई 02 -- महाराष्ट्र के पूर्व गृह मंत्री और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एसपी) नेता अनिल देशमुख ने शनिवार को पुणे जिले में चार वर्षीय बच्ची के बलात्कार और हत्या के मामले में गिरफ्तार आरोपियों के लिए मृत्युदंड की अपील की।

भोर तालुका के एक गांव से सामने आई इस घटना में एक 65 वर्षीय संदिग्ध व्यक्ति शामिल है जिसने कथित रूप से बच्ची को खाने का लालच देकर उसे पशुशाला में ले गया, उसके साथ यौन उत्पीड़न किया और बाद में उसकी हत्या कर दी।

इस अपराध को निंदनीय बताते हुए श्री देशमुख ने कहा कि महाराष्ट्र दिवस पर ऐसी घटना होना राज्य के लिए कलंक है। उन्होंने अधिकारियों से त्वरित सुनवाई सुनिश्चित करने का आग्रह किया और दोषियों को दोषी पाए जाने पर तुरंत फांसी देने की मांग की।

वरिष्ठ नेता ने यह भी आरोप लगाया कि प्रारंभिक जानकारी से संकेत मिलता है कि आरोपी ने पहले भी बच्चियों को निशाना बनाया होगा, जिससे आदतन अपराधियों की निगरानी में हुई चूक के बारे में चिंताएं बढ़ गई हैं।

देवेंद्र फडणवीस के नेतृत्व वाली राज्य सरकार और केंद्र सरकार की आलोचना करते हुए श्री देशमुख ने उन पर महिलाओं के खिलाफ अपराधों से निपटने के उद्देश्य से प्रस्तावित शक्ति अधिनियम के कार्यान्वयन को लेकर एक-दूसरे पर दोषारोपण करने का आरोप लगाया।

उन्होंने कहा कि पिछली महा विकास अघाड़ी (एमवीए) सरकार के दौरान पारित किया गया यह कानून अभी भी अनुमोदन के लिए लंबित है और इसकी तात्काल आवश्यकता के बावजूद इसे लागू नहीं किया गया है।

उन्होंने कहा, "कठोर कानूनों की सख्त जरूरत है लेकिन कार्रवाई करने के बजाय दोनों सरकारें जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ रही हैं।" श्री देशमुख ने आगे दावा किया कि महाराष्ट्र में महिलाओं और नाबालिगों के खिलाफ अपराध बढ़ रहे हैं। उन्होंने सख्त कानूनी उपायों को लागू करने के प्रति राज्य सरकार की प्रतिबद्धता पर सवाल उठाया।

उन्होंने आगे कहा कि अगर शक्ति अधिनियम लागू किया गया होता, तो ऐसे मामलों को समयबद्ध तरीके से कड़ी सजा के साथ सुलझाया जा सकता था।

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