लखनऊ , जनवरी 19 -- इलाहाबाद उच्च न्यायालय की लखनऊ पीठ के परिसर में मंगलवार को अनाधिकृत रूप से प्रवेश करने और एक मामले की विवेचना के दौरान अधिवक्ताओं से विवाद बढ़ाने के आरोप में थाना काकोरी में तैनात उपनिरीक्षक ताराचंद सिंह को निलंबित कर दिया गया है।

मामले को गंभीर मानते हुए पुलिस विभाग ने उनके विरुद्ध विभागीय जांच भी प्रस्तावित की है। निलंबन की अवधि में उपनिरीक्षक को रिजर्व पुलिस लाइन कमिश्नरेट लखनऊ से संबद्ध किया गया है।

पुलिस आयुक्त (पश्चिमी) के आदेशानुसार 19 जनवरी को उपनिरीक्षक ताराचंद सिंह द्वारा थाना काकोरी जनपद लखनऊ में दर्ज मुकदमे की विवेचना के दौरान अवैध तरीके से हाईकोर्ट परिसर में प्रवेश किया गया। आरोप है कि इस दौरान उन्होंने अधिवक्ता गुरफान सिद्दीकी और उनकी पत्नी अधिवक्ता अनीना खातून को गिरफ्तार करने का प्रयास किया, जिससे अधिवक्ताओं में आक्रोश उत्पन्न हो गया।

आदेश में कहा गया है कि आरोप अत्यंत गंभीर प्रकृति के हैं और यूपी अधीनस्थ श्रेणी के पुलिस अधिकारियों (दंड एवं अपील) नियमावली 1991 के अंतर्गत प्रदत्त शक्तियों के तहत उपनिरीक्षक को तत्काल प्रभाव से निलंबित किया जाता है। निलंबन अवधि में उन्हें नियमों के अनुसार जीवन निर्वाह भत्ता देय होगा, हालांकि महंगाई भत्ता आदि को लेकर नियमों के अनुसार शर्तें लागू रहेंगी। साथ ही आदेश में स्पष्ट किया गया है कि भत्तों का भुगतान तभी होगा जब संबंधित कर्मी यह प्रमाणपत्र प्रस्तुत करेगा कि वह किसी अन्य सेवा/व्यवसाय/वृत्ति में संलग्न नहीं है।

हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित