चंडीगढ़ , मार्च 09 -- पूर्व शिक्षा मंत्री एवं विधायक परगट सिंह ने सोमवार को पंजाब विधानसभा में अध्यक्ष कुलतार सिंह संधवां के आचरण को तानाशाही पूर्ण बताया है। उन्होंने कहा कि विधानसभा में शून्यकाल के दौरान विपक्षी दलों को अपने मुद्दे उठाने का अवसर न देना लोकतंत्र की हत्या के समान है। श्री सिंह ने आरोप लगाया कि आम आदमी पार्टी, भारतीय जनता पार्टी की 'बी-टीम' है और भाजपा के ही रास्ते पर चल रही है। उन्होंने कहा कि भाजपा कभी भी किसानों की हितैषी नहीं रही और अब आम आदमी पार्टी भी पंजाब के किसानों को नुकसान पहुंचा रही है। उन्होंने कहा कि अपनी मांगों के लिए विरोध कर रहे किसानों को 'भीड़' करार दिया जा रहा है और उन पर लाठीचार्ज किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार द्वारा महिलाओं को 1000-1500 रुपये देने की घोषित योजना महज एक दिखावा है। चुनावी साल से कुछ महीने पहले इसकी घोषणा करके सरकार महिला मतदाताओं को गुमराह करने की कोशिश कर रही है। उन्होंने कहा कि हकीकत में, अधिकांश महिलाएं सरकार से पैसों की मांग ही नहीं कर रही हैं। सरकार का दावा है कि पंजीकरण 13 अप्रैल से शुरू होगा, लेकिन अगले तीन-चार महीने सत्यापन और सर्वेक्षण में निकल जाएंगे। अंतिम दो महीनों में महिलाओं के खातों में 1000 रुपये जमा किए जा सकते हैं और सरकार दावा करेगी कि उसने अपना वादा पूरा कर दिया। ?श्री सिंह ने यह भी सवाल उठाया कि सरकार ने बजट में इस योजना के लिए 9,300 करोड़ रुपये का आवंटन कैसे किया, जबकि इसके पीछे की गणना स्पष्ट नहीं की गयी है। उन्होंने कहा कि पंजाब की महिलाओं के लिए 1000 रुपये पाना उतना महत्वपूर्ण नहीं है, जितना उनके बच्चों और परिवारों की सुरक्षा। उन्होंने सरकार से आग्रह किया कि पंजाब को 'पुलिस स्टेट' में न बदलें। उन्होंने बताया कि पिछले तीन महीनों में हुए 35 मुठभेड़ की कहानियां बहुत समान प्रतीत होती हैं। उन्होंने उल्लेख किया कि गुरदासपुर में 19 वर्षीय रंजीत सिंह का अंतिम संस्कार किया जा रहा है और उस मुठभेड़ पर भी सवाल उठाये जा रहे हैं। रंजीत सिंह मामले के अलावा, उन्होंने मांग की कि अन्य सभी एनकाउंटर मामलों की जांच हाईकोर्ट के एक मौजूदा जज की अध्यक्षता वाली समिति से करायी जाये।
पूर्व मंत्री ने पंजाब के बढ़ते कर्ज और 'शिक्षा क्रांति' के दावों को लेकर भी सरकार को घेरा। उन्होंने कहा कि जब यह सरकार सत्ता में आयी थी, तो पंजाब का कर्ज 2.63 लाख करोड़ रुपये था, जो अब बढ़कर 4.17 लाख करोड़ रुपये हो गया है। उन्होंने दावा किया कि अगले चुनाव तक यह कर्ज पांच लाख करोड़ रुपये को पार कर जाएगा। उन्होंने कहा कि सरकार ने इस मुद्दे से निपटने के लिए बजट में कोई रोडमैप पेश नहीं किया है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि आम आदमी पार्टी सरकार सीमा पार से आने वाले हथियारों और नशीले पदार्थों के मुद्दे पर केंद्र सरकार से सवाल करने से डरती है। उन्होंने कहा कि चूंकि पंजाब की सीमा का लगभग 50 किलोमीटर का क्षेत्र सीमा सुरक्षा बल के अधीन है, इसलिए ड्रोन के जरिए हथियार और ड्रग्स आ रहे हैं। उन्होंने सवाल किया कि इसे रोका क्यों नहीं जा सकता और कहा कि राज्य सरकार इस मुद्दे को उठाती तक नहीं है।
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