रांची , दिसंबर 22 -- झारखंड की कृषि, पशुपालन एवं सहकारिता मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की ने कृषि निदेशालय रांची में समेकित बिरसा ग्राम विकास योजना सह कृषक पाठशाला योजना की गहनता से समीक्षा की।

निदेशालय में लंबी चली समीक्षा बैठक में कृषक पाठशाला के जमीनी हकीकत और परेशानियों पर लंबी चर्चा हुई। इस मौके पर सुश्री तिर्की ने कहा कि ये योजना ना सिर्फ राज्य सरकार बल्कि राज्य के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की महत्वकांक्षी एवं फ्लैगशिप योजना है, जिसका उद्वेश्य कृषकों के अंदर देख कर सीखने की अवधारणा को विकसित करने के साथ व्यवहारिक प्रशिक्षण उपलब्ध कराना है।

सुश्री तिर्की ने कहा कि इसके लिए अधिकारियों के बीच बेहतर और सार्थक समन्वय जरूरी है। अधिकारियों के बीच बेहतर समन्वय से सभी तरह की अड़चनों और परेशानियों को दूर किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि आज जरूरत कृषक पाठशाला योजना को धरातल पर उतारने के लिए विभागीय प्रक्रियाओं को सरल बनाने की भी है। ताकि कृषक पाठशाला संचालित करने वालों को मदद मिल सके। कृषक पाठशाला का संचालन करने वाली एजेंसियों का बिल भुगतान समय पर हो, इसके लिए मंत्री ने जिला कृषि पदाधिकारियों को दिसम्बर माह तक का समय दिया है। राज्य में चार से पांच बेहतर कृषक पाठशाला को चिन्हित कर किसानों और दूसरे एजेंसियों को एक्सपोजर विजिट कराया जाएगा।

इसके साथ ही मंत्री सुश्री तिर्की ने अगली समीक्षा बैठक में एजेंसियों को अपने-अपने कृषक पाठशाला का वीडियो तैयार कर प्रेजेंटेशन के लिए लाने का निर्देश दिया है। ताकि कृषक पाठशाला की हकीकत को देखा और समझा जा सके। इतना ही नहीं जिला कृषि पदाधिकारी भी बिल जमा करने से पहले कृषक पाठशाला का स्थल निरीक्षण कर काम का सत्यापन करेंगे।

समीक्षा बैठक में विभागीय सचिव अबू बकर सिद्दीकी, विशेष सचिव गोपाल जी तिवारी , विशेष सचिव प्रदीप हजारी, कृषि निदेशक भोर सिंह यादव, सहित विभागीय अधिकारी और कृषक पाठशाला के संचालक एजेंसी के प्रतिनिधि मौजूद रहें।

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