बैतूल , फरवरी 07 -- मध्यप्रदेश के बैतूल जिले की एक अदालत में उस समय भावुक दृश्य पैदा हो गया, जब एक मां ने अपनी दुधमुंही बच्ची को दूध पिलाने के लिए अपनी शराबी पति से उसे छुड़ा कर लाने की गुहार लगाई।

शुक्रवार को आमला की अदालत में एक मां ने अदालत के सामने गुहार लगाई कि उसकी बच्ची दूध पीती है, पर अब वो भूखी होगी। महिला के पति ने डेढ़ साल की दुधमुंही बच्ची और तीन साल के बेटे को छीन लिया था। शराब की लत और रोज़ाना की मारपीट से त्रस्त होकर जब वह मायके आई, तो पति बच्चों को भी जबरन ले गया। इसके बाद वह इंसाफ की आस लेकर आमला न्यायालय पहुंची।

मां ने अदालत को बताया कि उसका पति शराब का आदी है और नशे में आए दिन उसके साथ मारपीट करता है। शराब पीने से मना करने पर उसे घर से निकाल दिया गया। मायके में शरण लेने के बाद पहले बेटे और फिर आठ दिन पहले बेटी को भी पति जबरन उठा ले गया। इसके बाद महिला ने अपने अधिवक्ता के माध्यम से घरेलू हिंसा अधिनियम के तहत बच्चों की अंतरिम कस्टडी की मांग की। पति नोटिस के बावजूद अदालत में पेश नहीं हुआ। दलीलें सुनने के बाद शुक्रवार को न्यायालय ने स्पष्ट कहा कि मां ही बच्चों की नैसर्गिक संरक्षक है और इतनी छोटी बच्ची को मां से दूर रखना न तो उचित है और न ही बच्चों के हित में।

आमला कोर्ट ने तीन दिन के भीतर दोनों बच्चों की कस्टडी मां को सौंपने का आदेश दिया। साथ ही परियोजना अधिकारी को आदेश पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

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