होशियारपुर , जनवरी 30 -- पंजाब में होशियारपुर के जिला न्यायाधीश राजिंदर अग्रवाल के छह दिसंबर, 2025 के एक आदेश के अनुपालन में, अदालत द्वारा नियुक्त एक नीलामीकर्ता ने शुक्रवार को होशियारपुर स्थित इंप्रूवमेंट ट्रस्ट की संपत्ति को 4,23,80,000 रुपये मे नीलाम कर दिया।

यह नीलामी अदालत के उस आदेश के अनुपालन में आयोजित की गयी थी, जो उन भूस्वामियों के पक्ष में एक पुरस्कार के निष्पादन में पारित किया गया था जिनकी भूमि को 2011 में सुधार ट्रस्ट द्वारा अधिग्रहित किया गया था।

डिक्री धारकों के वकील अजय चोपड़ा ने बताया कि इम्प्रूवमेंट ट्रस्ट ने 30 जून, 2011 को सतपाल साहनी, राकेश धीर और विजय रानी के स्वामित्व वाली 65 मरला भूमि का अधिग्रहण किया था। बाद में भूमि मालिकों ने मुआवज़े की राशि बढ़ाने के लिए सत्र न्यायालय में याचिका दायर की, उनका तर्क था कि दी गयी राशि प्रचलित बाजार मूल्य के अनुरूप नहीं थी। उन्होंने बताया कि सत्र न्यायालय ने 31 मार्च, 2023 को भूस्वामियों के पक्ष में फैसला सुनाया था। इसके बाद फैसले को लागू करने के लिए 26 जुलाई, 2023 को एक निष्पादन याचिका दायर की गयी थी।

अदालत के आदेश के अनुसार, याचिका दायर करते समय निष्पादन राशि 6.74 करोड़ रुपये से अधिक थी, जो बाद में बढ़कर 7.01 करोड़ रुपये से अधिक हो गयी। प्रतिवादियों द्वारा राशि जमा करने में असमर्थता व्यक्त करने के बाद, अदालत ने डिक्री की बकाया राशि की वसूली के लिए कुर्क की गयी संपत्ति की नीलामी का आदेश दिया। नीलामी के लिए रखी गयी संपत्ति लगभग 90 मरला क्षेत्र में फैली है और इसमें इम्प्रूवमेंट ट्रस्ट की दो मंजिला इमारत शामिल है। अधिवक्ता अजय चोपड़ा ने बताया कि इमारत की ऊपरी मंजिल पर पंजाब नेशनल बैंक का कार्यालय चल रहा है।

अदालत के निर्देशों के अनुसार नीलामी आयोजित करने के लिए पंकज शर्मा को नियुक्त किया गया था। लागू कलेक्टर दरों के अनुसार आरक्षित मूल्य 4.20 करोड़ रुपये निर्धारित किया गया था। उन्होंने बताया कि कई बोलीदाताओं ने इस प्रक्रिया में भाग लिया, जिसमें उच्चतम बोली 4,23,80,000 रुपये दर्ज की गयी।

इंप्रूवमेंट ट्रस्ट होशियारपुर के अध्यक्ष गुरविंदर सिंह पाबला ने कहा कि यह मामला ट्रस्ट की जानकारी में है। उन्होंने बताया कि विवादित भूमि का अधिग्रहण 2011 में तत्कालीन अकाली-भाजपा सरकार के कार्यकाल में हुआ था और ट्रस्ट ने नीलामी की कार्यवाही पर रोक लगाने के लिए पंजाब और हरियाणा उच्च न्यायालय में याचिका दायर की है। उन्होंने कहा कि ट्रस्ट उच्च न्यायालय के फैसले का इंतजार कर रहा है।

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