चंडीगढ़ , फरवरी 27 -- कथित शराब घोटाला मामले में दिल्ली की विशेष अदालत द्वारा शुक्रवार को आम आदमी पार्टी (आप) के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल और पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया को ससम्मान बरी किये जाने के फैसले के बाद पंजाब में आप कार्यकर्ताओं में उत्साह की लहर है। इस फैसले को 'आप' ने सत्य और ईमानदारी की सबसे बड़ी जीत करार देते हुए चंडीगढ़ स्थित पार्टी कार्यालय में भारी जश्न मनाया।

चंडीगढ़ में पार्टी कार्यालय में माहौल उत्सव जैसा रहा। राज्य के कैबिनेट मंत्री सर्वश्री हरपाल सिंह चीमा, अमन अरोड़ा, हरजोत सिंह बैंस और हरदीप सिंह मुंडियां ने सैकड़ों कार्यकर्ताओं के साथ ढोल की थाप पर भंगड़ा डाला और लड्डू बांटकर अपनी खुशी साझा की। नेताओं ने इसे 'काम की राजनीति' की जीत बताते हुए कहा कि यह गौरव का क्षण केवल पार्टी के लिए नहीं, बल्कि पूरे भारतीय लोकतंत्र के लिए है।

प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए पंजाब 'आप' के अध्यक्ष अमन अरोड़ा ने सीधे तौर पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह से सार्वजनिक माफी की मांग की। उन्होंने कहा, " सत्य परेशान हो सकता है, लेकिन पराजित नहीं। अदालत ने भाजपा के रचे गये झूठ के पुलिंदे का पर्दाफाश कर दिया है। राजनीतिक प्रतिशोध के लिए केंद्रीय एजेंसियों का दुरुपयोग अमानवीय था।" श्री अरोड़ा ने अधिकारियों के खिलाफ विभागीय जांच की ओर इशारा करते हुए कहा कि भाजपा अरविंद केजरीवाल की लोकप्रियता से डर गयीं थी।

शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस ने भाजपा पर प्रहार करते हुए कहा कि 100 करोड़ रुपये के कथित घोटाले में एक धेला भी बरामद नहीं हुआ। उन्होंने भावुक होते हुए कहा कि आप नेता मनीष सिसोदिया की बीमार पत्नी और श्री केजरीवाल के स्वास्थ्य की चिंता किये बिना उन्हें महीनों जेल में रखा गया। श्री बैंस ने चुनौती देते हुए कहा, "विपक्ष के हर जुल्म का जवाब जनता वोट से देगी। 2027 के पंजाब विधानसभा चुनाव में हम 2022 का अपना ही रिकॉर्ड तोड़ देंगे।"श्री मुंडियां ने इस जीत के लिए परमात्मा और गुरु साहिब का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि श्री केजरीवाल और श्री सिसोदिया का एकमात्र 'कसूर' गरीबों के बच्चों के लिए शिक्षा क्रांति लाना था। उन्होंने कहा कि अदालत के सख्त रुख और टिप्पणियों ने स्पष्ट कर दिया है कि पूरा मामला केवल कल्पनाओं पर आधारित था और अब तानाशाही ताकतों के चेहरों से नकाब उतर चुका है।

पार्टी नेताओं ने सामूहिक रूप से कहा कि इस फैसले से न्यायपालिका में जनता का विश्वास और मजबूत हुआ है। अब आम आदमी पार्टी और अधिक प्रतिबद्धता के साथ शिक्षा, स्वास्थ्य और जनकल्याण के कार्यों को जारी रखेगी।

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