नयी दिल्ली , फरवरी 03 -- देश में एकीकृत हेलीकॉप्टर विनिर्माण पारिस्थितिकी तंत्र स्थापित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए अदाणी डिफेंस एंड एयरोस्पेस ने मंगलवार को इटली की प्रमुख एयरोस्पेस कंपनी लियोनार्डो के साथ एक रणनीतिक साझेदारी की। इस सहयोग का उद्देश्य भारतीय सशस्त्र बलों की रोटरी-विंग आवश्यकताओं को पूरा करना है और इसमें विशेष रूप से लियोनार्डो के उन्नत एडब्ल्यू 169 एम और ए डब्ल्यू 109 ट्रेकर एम हेलीकॉप्टरों पर ध्यान केंद्रित किया गया है।
दोनों कंपनियों ने इस संबंध में एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए जिससे विशेष रूप से रक्षा क्षेत्र में स्वदेशी 'मेक इन इंडिया' प्रयासों को बढ़ावा मिलेगा। कंपनी के एक बयान में कहा गया, "यह सहयोग चरणबद्ध स्वदेशीकरण, मज़बूत रखरखाव, मरम्मत एवं ओवरहॉल क्षमताएँ तथा व्यापक पायलट प्रशिक्षण प्रदान करेगा।"इस अवसर पर मौजूद रक्षा सचिव राजेश कुमार सिंह ने नए उद्यम के बारे में कहा कि रोटरी-विंग फ्लीट पारिस्थितिकी तंत्र के निर्माण के लिए अदाणी डिफेंस और लियोनार्डो के बीच हुआ यह समझौता दो संस्थाओं के एक साथ आने का प्रतीक है।
उन्होंने कहा, "यह समझौता महत्वपूर्ण है क्योंकि यह घोषित साझेदारी में शामिल आकांक्षात्मक तत्वों को धरातल पर उतारता है। रक्षा विनिर्माण में आत्मनिर्भर भारत की सरकार की परिकल्पना का उद्देश्य आयात पर निर्भरता कम करना और वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी औद्योगिक क्षमता का निर्माण करना है। सौ प्रतिशत आत्मनिर्भरता संभव नहीं है, लेकिन ऐसे कदम उठाए जा सकते हैं जो निर्भरता को न्यूनतम करें।"अदाणी डिफेंस एंड एयरोस्पेस के निदेशक जीत अदाणी ने कहा कि कंपनी एक ऐसे विमानन पारिस्थितिकी तंत्र के निर्माण पर काम कर रही है जो देशभर में नागरिक और सैन्य दोनों आवश्यकताओं को समर्थन दे सके। उन्होंने कहा, "हम मिलकर भारत में ऐसा पारिस्थितिकी तंत्र बनाएँगे, जिसमें विनिर्माण, असेंबली, प्रशिक्षण और विश्वस्तरीय सहायता एक समग्र ढाँचे में समाहित होंगी।"लियोनार्डो हेलीकॉप्टर्स के प्रबंध निदेशक जियान पिएरो कुटिल्लो ने कहा कि भारत एक बड़ा बाज़ार है और देश की सशस्त्र सेनाओं को हेलीकॉप्टरों की बढ़ती आवश्यकता है। लियोनार्डो एयरोस्पेस, रक्षा और सुरक्षा के क्षेत्र में एक प्रमुख वैश्विक खिलाड़ी है।
इस बीच, भारत में इटली के राजदूत एंटोनियो एनरिको बार्तोली ने वर्ष 2023 में हुए रक्षा सहयोग समझौते और सह-उत्पादन परियोजनाओं पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा, "दोनों प्रधानमंत्रियों द्वारा अपनाई गई संयुक्त रणनीतिक कार्य योजना में रक्षा और अंतरिक्ष को हमारे सहयोग के केंद्र में रखा गया है। मुझे लगता है कि यह एक बड़ी कहानी का हिस्सा है, इसलिए यह रणनीतिक है।
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