पुणे , मार्च 16 -- महाराष्ट्र के पुणे शहर में अतिक्रमण के खिलाफ पुणे नगर निगम (पीएमसी) के हालिया सख्त रुख का स्वागत करते हुए सामाजिक संगठन क्रिएटिव फाउंडेशन के अध्यक्ष संदीप खर्डेकर ने कहा है कि ज़मीनी स्तर पर स्थिति में अभी तक कोई खास बदलाव दिखाई नहीं दे रहा है।

श्री खर्डेकर ने नवल किशोर राम , नगर आयुक्त और अमितेश कुमार, पुलिस आयुक्त को लिखे पत्र में कहा कि पिछले सप्ताह नगर निगम और पुलिस प्रशासन की संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस के बाद पुणे के नागरिकों में उम्मीद जगी थी कि फुटपाथ अतिक्रमण से मुक्त होंगे और यातायात जाम की समस्या कम होगी।

उन्होंने दावा किया है कि शहर के कई हिस्सों में वास्तविक स्थिति अभी भी पहले जैसी ही बनी हुई है। श्री खर्डेकर ने रविवार शाम सिटी पोस्ट चौक की स्थिति का उदाहरण देते हुए कहा कि फुटपाथों पर फेरीवालों के कब्जे के कारण पैदल चलने वालों के लिए जगह नहीं बचती, जबकि सड़क पर ऑटो-रिक्शा और कारें अव्यवस्थित तरीके से खड़ी रहती हैं।

उन्होंने कहा कि शहर के कई अन्य इलाकों में भी इसी तरह की स्थिति देखने को मिलती है, जबकि प्रशासन बार-बार अतिक्रमण के खिलाफ सख्त कार्रवाई की घोषणा करता रहा है। उनके मुताबिक फर्ग्यूसन कॉलेज रोड और जंगली महाराज रोड जैसे व्यस्त मार्गों पर प्रतीकात्मक कार्रवाई की खबरें अब नागरिकों के लिए आम हो चुकी हैं।

उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि नदी किनारे हाल ही में मरम्मत की गई एक सड़क धीरे-धीरे बाजार में बदल गई है। वहीं म्हात्रे ब्रिज से राजाराम ब्रिज के बीच का हिस्सा भी फेरीवालों और अव्यवस्थित पार्किंग से घिरा हुआ है, जिससे यातायात प्रभावित होता है।

श्री खर्डेकर ने कहा कि कई व्यावसायिक प्रतिष्ठान सामने और साइड मार्जिन तथा पार्किंग स्थानों का दुरुपयोग करते हैं, जिसके कारण वाहन सड़कों पर आ जाते हैं, लेकिन निर्माण विभाग अक्सर इन उल्लंघनों को नजरअंदाज करता है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रशासनिक इच्छाशक्ति की कमी और कुछ कर्मचारियों तथा अतिक्रमणकारियों के बीच संभावित सांठगांठ भी इस समस्या की एक वजह हो सकती है।

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