मुंबई , फरवरी 02 -- शिवसेना (यूबीटी) के सांसद संजय राउत ने कहा है कि पूर्व मुख्यमंत्री अजीत पवार की विमान दुर्घटना में मौत 'कोई साधारण घटना नहीं' है। उन्होंने पूछा कि अगर विमान में छह लोग यात्रा कर रहे थे, तो ऐसा कैसे हो सकता है कि पांच शव बरामद हो जाए और छठा शव बरामद नहीं हों? उन्होंने छूटते ही सवाल दागा कि आखिर छठा व्यक्ति कौन था और उसका शव क्यों नहीं मिला?श्री राउत ने सोमवार को पत्रकारों से बात करते हुए आरोप लगाया कि पवार ने बार-बार कहा था कि उनके पास भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) से जुड़े भ्रष्टाचार से संबंधित फाइलें हैं और उन्होंने उन्हें उजागर करने की मंशा भी जाहिर की थी।
श्री राउत ने कहा, "अजीत पवार ने 15 जनवरी को कहा था कि वह भाजपा की भ्रष्टाचार की फाइलें खोलेंगे। अगले दस दिनों के भीतर उनकी विमान दुर्घटना में मौत हो गई। यह रहस्यमय है और मुझे न्यायमूर्ति लोया मामले की याद दिलाता है।" उन्होंने संभावित साजिश की ओर इशारा करते हुए कहा। श्री राउत ने राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा-अजीत पवार) गुट के प्रवक्ता अमोल मिटकरी द्वारा उठाए गए चिंताओं को दोहराते हुए कहा कि दुर्घटना से जुड़े सवाल गंभीर प्रकृति के हैं।
उन्होंने पूछा, "अगर विमान में छह लोग यात्रा कर रहे थे, तो ऐसा कैसे हो सकता है कि केवल पांच शव बरामद हुए? छठा व्यक्ति कौन था और उसका शव क्यों नहीं मिला? शव इतने जल गए थे कि उनकी पहचान नहीं हो पा रही थी, फिर भी अजीत पवार के पास मिले दस्तावेज नहीं जले थे। क्या वह भाजपा भ्रष्टाचार से संबंधित फाइलें ले जा रहे थे? क्या वह उन दस्तावेजों को सुरक्षित रखने के लिए मुंबई से बारामती जा रहे थे?"श्री राउत ने दावा किया कि श्री पवार ने कभी भी भाजपा के वैचारिक एजेंडे पर काम नहीं किया और उन्होंने केवल सत्ता के लिए पार्टी से हाथ मिलाया था। "उनके खिलाफ मामले दर्ज किए गए थे और प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) और केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) जैसी एजेंसियों को उनके पीछे लगा दिया गया था। उन्होंने कई राजनेताओं की तरह अपने खिलाफ फाइलों से संबंधित मामलों को निपटाने के लिए अस्थायी रूप से भाजपा के साथ गठबंधन किया था। वह बाद में अपनी राजनीतिक जड़ों में लौटने की कोशिश कर रहे थे। ऐसा होने से पहले ही दुर्भाग्य से उनकी मृत्यु हो गई।"मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की इस टिप्पणी " श्री पवार भाजपा से सलाह लिए बिना किसी विलय पर चर्चा नहीं करते" पर प्रतिक्रिया करते हुए शिवसेना प्रवक्ता ने कहा कि ऐसी धारणाएं गलत हैं। यह जरूरी नहीं है कि हर बात श्री फडणवीस से चर्चा की जाए। श्री पवार अपनी पार्टी के नेता और प्रमुख थे और स्वतंत्र रूप से निर्णय लेते थे।
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