नागपुर , दिसंबर 13 -- महाराष्ट्र में महायुति गठबंधन के सहयोगी दलों शिवसेना और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी के बीच रायगढ़ जिले में बढ़ते तनाव को कम करने के लिए उपमुख्यमंत्री एवं एनसीपी नेता अजित पवार ने मध्यस्थता की है।
उन्होंने शनिवार को दोनों पक्षों के नेताओं से संयम बरतने और विवादों को बढ़ाने से बचने की अपील की।
महायुति को मजबूत और एकजुट रखने के प्रयास में श्री पवार ने शिवसेना के नेताओं श्री भरत गोगावले और श्री उदय सामंत से संपर्क किया तथा उन्हें मतभेदों को बढ़ने न देने की सलाह दी। उन्होंने इस मुद्दे पर महिला एवं बाल विकास मंत्री अदिति तटकरे से भी चर्चा की।
रायगढ़ जिले में वर्तमान में शिवसेना के तीन विधायक हैं, श्री भरत गोगावले, श्री महेंद्र दलवी और श्री महेंद्र थोरवे। इन नेताओं और एनसीपी के प्रदेश अध्यक्ष सुनील तटकरे के बीच संबंधों में कथित तौर पर खटास है, जिससे जिले में राजनीतिक गतिरोध पैदा हो गया है। नतीजतन, रायगढ़ को अभी तक पालक मंत्री नहीं नियुक्त किया गया है।
हाल की नगर पंचायत चुनावों के दौरान दोनों गुटों के नेताओं ने एक-दूसरे पर खुलेआम आरोप लगाये, जिससे दरार और गहरी हो गयी। शिंदे गुट ने तटकरे खेमे पर विधायक महेंद्र दलवी की नोटों की गड्डियों के साथ विवादास्पद तस्वीरें प्रसारित करने का भी आरोप लगाया है।
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