मुंबई , जनवरी 28 -- महाराष्ट्र में पुणे जिले के बारामती में बुधवार को हुए विमान हादसे में महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार के साथ-साथ देश ने कुछ और महत्वपूर्ण लोगों को भी खो दिया।

आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, इनमें 16,000 घंटे से ज़्यादा उड़ान का अनुभव रखने वाले कैप्टन सुमित कपूर, पायलट-इन-कमांड, और विमान को संभालने, नेविगेशन और संचार में मदद करने वाली प्रथम अधिकारी कैप्टन शाम्भवी पाठक शामिल थीं।

कैप्टन पाठक एक कुशल पायलट थीं, जिन्होंने न्यूज़ीलैंड से अपना वाणिज्यिक पायलट लाइसेंस हासिल किया था और उनके पास फ्लाइट इंस्ट्रक्टर रेटिंग (ए) भी थी। उन्होंने मध्य प्रदेश फ्लाइंग क्लब में सहायक फ्लाइट इंस्ट्रक्टर के तौर पर भी काम किया था। वह एक सेना अधिकारी की बेटी थीं और उन्होंने एयर फ़ोर्स बाल भारती स्कूल से शिक्षा हासिल की थी। इसके बाद उन्होंने उड्डयमन में उच्च शिक्षा हासिल की।

लियरजेट 45 में सवार दूसरी स्टाफ सदस्य पिंकी माली थीं, जो एक फ्लाइट अटेंडेंट थीं। उन्होंने अपने पिता से वादा किया था कि वह फ्लाइट के दौरान अजित पवार से (फोन पर) उनकी बात करवाएंगी। अजित पवार के साथ सुश्री पिंकी अपनी चौथी फ्लाइट पर थीं और अपने काम के प्रति समर्पण के लिए जानी जाती थीं।

सुश्री माली के पिता शिवकुमार माली ने अपनी बेटी के साथ हुई आखिरी बातचीत को याद किया। उनके वाक्य सिसकियों से टूट रहे थे। उन्होंने कहा, "कल उसने मुझे फोन किया और कहा, पापा मैं अजित पवार के साथ बारामती जा रही हूं, और वहां से मैं नांदेड़ जाऊंगी। बस इतनी ही बात हुई थी। कुछ समय से वह लगातार अजित पवार के साथ यात्रा कर रही थी और पहले भी चार यात्राओं में उनके साथ गयी थी।" परिवार के सदस्यों ने सुश्री माली को एक समर्पित पेशेवर बताया, जिसे अपने काम पर गर्व था और वह मुंबई में अपनी जड़ों से जुड़ी हुई थी।

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