मुंबई , फरवरी 10 -- राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरद पवार समूह) के नेता रोहित पवार ने दावा किया कि बारामती विमान दुर्घटना में उनके चाचा अजित पवार की मौत साजिश का नतीजा हो सकती है।

विधायक रोहित पवार ने मंगलवार को यहां संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए दावा किया कि तोड़फोड़ के संदेह का पर्याप्त कारण हैं और कहा कि इस घटना की सरकारी बयान से आगे जाकर गहन जांच की आवश्यकता है। ब्रीफिंग के दौरान, रोहित पवार ने एक पावरपॉइंट प्रस्तुति दी। इसमें उन्होंने 28 जनवरी को हुई दुर्घटना के आसपास की घटनाक्रमों में विसंगतियों को उजागर किया।

उन्होंने कहा कि अजित पवार असल में घटना से एक शाम पहले मुंबई से पुणे सड़क के रास्ते जाने वाले थे। काफिला पहले ही यात्रा शुरू कर चुका था। उन्हें हैरानी है कि अचानक योजना क्यों बदली गयी और अजित पवार कार से क्यों नहीं गये जैसा शुरू में तय हुआ था।

रोहित पवार ने विमान के पायलट कप्तान सुमित कपूर की साख पर भी गंभीर संदेह व्यक्त किया। कपूर को शराब से संबंधित मुद्दों के कारण पहले तीन साल के लिए निलंबित किया गया था। उन्होंने एक पुस्तक की सामग्री का हवाला देते हुए कहा कि किसी व्यक्ति को मारने का सबसे आसान तरीका उस व्यक्ति के ड्राइवर को निशाना बनाना है। हो सकता है कि पायलट ने किसी बाहरी प्रभाव में आकर गलती की हो।

उन्होंने कहा कि अपराध जांच विभाग के पास मामले की जांच का पूरा अधिकार नहीं होगा और इसलिए उन्होंने कई विशेषज्ञ एजेंसियों से पूरी जांच की मांग की। उनके अनुसार, इनमें राष्ट्रीय परिवहन सुरक्षा बोर्ड, नागरिक उड्डयन सुरक्षा के लिए जांच और विश्लेषण ब्यूरो, यूके स्थित हवाई दुर्घटना जांच शाखा और संबंधित भारतीय एजेंसियां शामिल होनी चाहिए।

रोहित पवार ने और सवाल उठाते हुए पूछा कि क्या दुर्घटना से पहले अंतिम क्षणों में विमान का ट्रांसपोंडर जानबूझकर बंद किया गया था। उन्होंने यह भी सवाल किया कि पायलट सुमित कपूर और शांभवी पाठक हवाई अड्डे पर कैसे पहुंचे, जबकि मूल रूप से नियुक्त पायलट साहिल मदान और यश कथित रूप से ट्रैफिक के कारण देर से पहुंचे। उन्होंने पूछा कि क्या प्रतिस्थापन पायलट पास में रह रहे थे और अचानक हुए बदलाव पर सफाई मांगी।

रोहित पवार ने वीएसआर कंपनी से जुड़ी अनियमितताओं का भी आरोप लगाया। जिस व्यक्ति के पास उस लीयरजेट विमान का स्वामित्व था, जिसमें अजित पवार सवार थे। उन्होंने दावा किया कि कंपनी का नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (डीजीसीए) के अधिकारियों पर खासा प्रभाव है। उन्होंने संकेत दिया कि यह कंपनी जवाबदेही से बचने में सफल हो सकती है।

श्री पवार ने इस बात की ओर इशारा किया कि हालांकि 2023 में वीएसआर कंपनी के एक विमान की दुर्घटना से जुड़ी अंतिम जांच रिपोर्ट पहले ही सौंपी जा चुकी थी, फिर भी कंपनी के विमानों का इस्तेमाल वरिष्ठ राजनेता कर रहे थे। उन्होंने सवाल उठाया कि पिछली घटनाओं के बावजूद कंपनी का लाइसेंस कभी रद्द क्यों नहीं किया गया।

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