जयपुर , फरवरी 24 -- भारतीय सेना की दक्षिणी कमान की टुकड़ियों ने मंगलवार को राजस्थान में पोखरण फील्ड फायरिंग रेंज में अभ्यास 'अग्नि वर्षा' में अपनी युद्धक क्षमता का प्रदर्शन किया।
रक्षा सूत्रों ने बताया कि इस अभ्यास के माध्यम से संयुक्त हथियारों के समन्वित इस्तेमाल, दीर्घ दूरी की सटीक मारक क्षमता और नेटवर्क-सक्षम कमांड एवं कंट्रोल प्रणाली को वास्तविक परिचालन परिस्थितियों में परखा गया।
सूत्रों ने बताया कि एकीकृत गोलाबारी एवं कौशल अभ्यास ने बहु क्षेत्रीय डोमेन वातावरण में निर्बाध रूप से कार्यरत मैकेनाइज्ड सेनाओं की युद्धक क्षमता को प्रदर्शित किया। 25 देशों से आए विदेशी रक्षा पत्रकारों ने इस अभ्यास को प्रत्यक्ष रूप से देखा और थार मरुस्थल में भारतीय सेना की संयुक्त हथियार संरचनाओं द्वारा प्रदर्शित गति, सटीकता और समन्वय का अनुभव प्राप्त किया।
रक्षा सूत्रों ने बताया कि अभ्यास अग्नि वर्षा में समकालीन युद्धक्षेत्र प्रौद्योगिकियों की विस्तृत श्रृंखला को शामिल किया गया, जिनमें मानवरहित हवाई प्रणालियाँ, जवाबी-ड्रोन उपाय, सटीक प्रहार रॉकेट, आधुनिक तोपखाना और नेटवर्क आधारित निगरानी संसाधन सम्मिलित थे।
समेकित मैन्युवर फोर्स में टी-90 मुख्य युद्धक टैंक, इन्फैंट्री कॉम्बैट व्हीकल, के-9 वज्र स्व-चालित होवित्जर, शारंग एवं बोफोर्स तोप प्रणालियाँ, रॉकेट, स्वदेशी एएलएच वेपन सिस्टम इंटीग्रेटेड हेलीकॉप्टर, अपाचे अटैक हेलीकॉप्टर और विभिन्न निगरानी एवं हमलावर ड्रोन शामिल रहे।
सूत्रों ने बताया कि यह अभ्यास भारतीय सेना द्वारा प्रौद्योगिकी समावेशन, आत्मनिर्भरता और क्षमता विकास पर निरंतर दिए जा रहे बल को रेखांकित करता है। इससे राष्ट्रीय सुरक्षा प्राथमिकताओं के अनुरूप त्वरित, समन्वित एवं निर्णायक सैन्य अभियानों के लिए उसकी प्रभावी तैयारी साबित होती है।
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