भुवनेश्वर , मार्च 24 -- ओडिशा में अग्निशमन सुरक्षा सेवा को बेहतर बनाने की दिशा में एक बड़े कदम के रूप में पूरे राज्य में मॉक ड्रिल आयोजित की जाएगी।
ओडिशा अग्निशमन सेवा के महानिदेशक डॉ. सुधांशु सारंगी ने यह घोषणा करते हुए सभी शहरी स्थानीय निकायों से इस महत्वपूर्ण पहल की सफलता सुनिश्चित करने के लिए सक्रिय रूप से सहयोग करने का आग्रह किया है।
डॉ. सारंगी ने यह घोषणा आग से सुरक्षा जागरूकता और तैयारी पर आयोजित एक उच्च-स्तरीय वर्चुअल वर्कशॉप के दौरान की। इस वर्कशॉप का आयोजन आवास और शहरी विकास विभाग द्वारा राज्य अग्निशमन सेवा के सहयोग से किया गया था।
इस सत्र का उद्देश्य आपातकालीन प्रतिक्रिया प्रोटोकॉल को एक साथ लाना और ओडिशा के सभी शहरी स्थानीय निकायों की तकनीकी तैयारी को बढ़ाना था। अपने संबोधन में महानिदेशक ने निवारक उपायों, आधुनिक अग्निशमन उपकरणों के उपयोग और आग के खतरों से निपटने के लिए संस्थागत तत्परता की आवश्यकता पर महत्वपूर्ण जानकारी साझा की।
उन्होंने आवास एवं शहरी विकास विभाग की सराहना की कि वह राज्य में इस तरह की व्यापक जागरूकता पहल आयोजित करने वाला पहला विभाग बना है, जिसने आग से सुरक्षा प्रयासों में अंतर-विभागीय समन्वय के लिए एक नया मानक स्थापित किया है।
इस वर्कशॉप का नेतृत्व आवास एवं शहरी विकास विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव उषा पाधी ने किया। उन्होंने कहा, " आग से बचाव को केवल एक अनुपालन आवश्यकता के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए। इसे शहरी विकास के हर पहलू में शामिल किया जाना चाहिए।"श्री पाधी ने शहरी स्थानीय निकायों को निर्देश दिया है कि वे आने वाले वित्तीय वर्ष की 'मुख्यमंत्री शहरी विकास योजना' (एमएसबीवाई) में अग्निशमन सुरक्षा उपायों को शामिल करें।
इस वर्चुअल सत्र में नगर निगमों के आयुक्तों, नगर पालिकाओं के कार्यकारी अधिकारियों, अधिसूचित क्षेत्र परिषदों, फायर अधिकारियों और उप-फायर अधिकारियों ने सक्रिय रूप से भाग लिया, जिससे पूरे ओडिशा में अग्निशमन सुरक्षा के प्रति एक एकजुट और समन्वित दृष्टिकोण सुनिश्चित हुआ।
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