तेहरान , फरवरी 08 -- ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची ने रविवार को कहा कि अगर अमेरिका ईरान मामले में गंभीरता दिखाता है तो उनका देश वार्ता को जारी रखेगा।

ईरान की आधिकारिक संवाद समिति इरना के अनुसार ओमान की राजधानी मस्कट में शुक्रवार को ईरानी और अमेरिकी प्रतिनिधिमंडलों के बीच हुई अप्रत्यक्ष परमाणु वार्ता के बारे में श्री अराघची ने यहां एक संवाददाता सम्मेलन में यह टिप्पणी की।

ईरानी विदेश मंत्री ने कहा कि कुछ ऐसे संकेत मिले हैं जो बताते हैं कि अमेरिका गंभीर है, जबकि अन्य ऐसे संकेत भी देखे गए हैं जो उसके दृढ़ संकल्प को कमजोर करते हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि ईरान के खिलाफ प्रतिबंधों का जारी रहना और पश्चिम एशिया क्षेत्र में कुछ सैन्य गतिविधियाँ अमेरिका की गंभीरता और तत्परता पर संदेह पैदा करती हैं।

श्री अराघची ने कहा कि ईरान सभी संकेतों की एक साथ निगरानी और मूल्यांकन करेगा। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि अमेरिका के साथ अप्रत्यक्ष बातचीत समझौता करने में कोई बाधा नहीं है। उन्होंने हालांकि यह भी कहा कि बातचीत की विषयवस्तु से संबंधित मुद्दे, जैसे अमेरिका की अत्यधिक और अवास्तविक माँगें और अनुचित दावे ही असली बाधाएँ हैं। उन्होंने उल्लेख किया कि यदि अमेरिका का दृष्टिकोण सम्मानजनक, निष्पक्ष और आपसी हितों की रक्षा पर आधारित है, तो समझौता करना संभव होगा।

विदेश मंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि ईरान यूरेनियम संवर्धन सहित शांतिपूर्ण परमाणु ऊर्जा विकसित करने और उसका दोहन करने के अपने अधिकार को कभी नहीं छोड़ेगा। उन्होंने कहा कि बातचीत की सफलता इस बात पर निर्भर करेगी कि दूसरा पक्ष इस मुद्दे को कितनी गंभीरता से लेता है। उन्होंने कहा कि ईरान का मिसाइल कार्यक्रम अमेरिका के साथ बातचीत के एजेंडे में कभी नहीं था और न ही होगा। एकमात्र ध्यान देश के परमाणु कार्यक्रम पर है और रहेगा।

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