अगरतला , जनवरी 30 -- अगरतला नगर निगम (एएमसी) ने आवारा कुत्तों के कल्याण से जुड़े उच्चतम न्यायालय के निर्देशों को लागू करने की योजना की घोषणा की है। इसे शहर में मानवीय पशु प्रबंधन की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है। यह निर्णय सार्वजनिक सुरक्षा और सड़क पर रहने वाले जीवों की भलाई को लेकर बढ़ती चिंताओं के मद्देनजर लिया गया है।

मेयर दीपक मजूमदार ने बताया कि उच्चतम न्यायालय ने भारतीय पशु कल्याण बोर्ड के साथ मिलकर आवारा कुत्तों के प्रबंधन के लिए स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी किए हैं, जिनके तहत शहरी स्थानीय निकायों की जिम्मेदारी है कि वे मानवीय व्यवहार सुनिश्चित करते हुए नागरिकों की सुरक्षा भी बनाए रखें।

मेयर ने जानकारी दी कि एएमसी की व्यापक योजना के तहत सड़क पर रहने वाले कुत्तों को शेल्टर होम में स्थानांतरित किया जाएगा, टीकाकरण किया जाएगा, व्यवहार प्रबंधन और जन्म नियंत्रण उपाय लागू किए जाएंगे तथा प्रत्येक वार्ड में जन जागरूकता बढ़ाई जाएगी।

उन्होंने जोर देकर कहा कि यह सुनिश्चित किया जाएगा कि किसी भी कुत्ते के साथ उत्पीड़न न हो और न ही उन्हें भोजन की कमी झेलनी पड़े। उन्होंने बताया कि आवारा कुत्तों के लिए एक समर्पित शेल्टर होम का निर्माण प्रमुख प्राथमिकताओं में शामिल है और इस संबंध में विस्तृत चर्चा पहले से चल रही है।

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