अगरतला , फरवरी 24 -- त्रिपुरा सरकार ने राजधानी अगरतला के सुनियोजित, सतत और आपदा-प्रतिरोधी शहरी विकास के लिए वर्ष 2045 की परिकल्पना पर आधारित अंतिम जीआईएस मास्टर प्लान जल्द सार्वजनिक करने की घोषणा की है।
जारी अधिसूचना में सरकार ने कहा कि अगरतला राज्य का प्रशासनिक, आर्थिक और सांस्कृतिक केंद्र है तथा यहां तेज़ी से भौगोलिक विस्तार, बढ़ती जनसंख्या घनत्व और शहरी सेवाओं पर दबाव देखा गया है।
सरकार ने यह भी स्वीकार किया कि अद्यतन वैधानिक मास्टर प्लान के अभाव में अनियंत्रित भूमि उपयोग परिवर्तन, यातायात जाम, बुनियादी ढांचे पर दबाव और विशेष रूप से संवेदनशील व बाहरी क्षेत्रों में पर्यावरणीय क्षरण जैसी समस्याएं उत्पन्न हुई हैं।
इन चुनौतियों से निपटने के लिए वर्ष 2045 को लक्ष्य वर्ष मानते हुए व्यापक जीआईएस आधारित मास्टर प्लान तैयार किया गया है। इसका उद्देश्य भूमि उपयोग को विनियमित करना, आधारभूत संरचना विकास को दिशा देना, जलवायु एवं आपदा प्रतिरोधक क्षमता को सुदृढ़ करना तथा सभी क्रियान्वयन एजेंसियों के बीच समन्वित निर्णय सुनिश्चित करना है।
त्रिपुरा शहरी नियोजन एवं विकास प्राधिकरण (टीयूडीए) ने पूर्व में अगरतला नगर निगम और आसपास की 49 ग्राम पंचायतों को शामिल करते हुए 238.57 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र को 'अगरतला प्लानिंग एरिया' के रूप में अधिसूचित किया था।
मास्टर प्लान में जीआईएस आधारित आधारभूत ढांचा और अद्यतन भूमि उपयोग मानचित्र तैयार करने के साथ-साथ परिवहन, आधारभूत संरचना, सामाजिक-आर्थिक और पर्यावरणीय आकलन शामिल किए गए हैं। इसके तहत सरकारी संपत्तियों और खाली पड़ी जमीनों की पहचान तथा पर्यावरणीय रूप से संवेदनशील क्षेत्रों का निर्धारण भी किया जाएगा।
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