नयी दिल्ली , मार्च 14 -- एयर इंडिया समूह और इंडिगो के बाद नवोदित विमान सेवा कंपनी अकासा ने भी विमान ईंधन की बढ़ती कीमतों को देखते हुए टिकटों पर ईंधन शुल्क लगाने की घोषणा की है।
एयरलाइंस ने शनिवार को जारी प्रेस विज्ञप्ति में बताया कि वह टिकटों पर 199 रुपए से 1,300 रुपये तक ईंधन शुल्क लगायेगी। शुल्क की राशि हर मार्ग के लिए अलग-अलग होगी और यह उड़ान की अवधि के आधार पर तय की जायेगी।
उसने बताया कि 15 मार्च की तारीख में या उसके बाद बुक कराई गई टिकटों पर यह नया शुल्क लगेगा। उससे पहले करायी गई बुकिंग इससे प्रभावित नहीं होगी।
कंपनी की प्रेस विज्ञप्ति में कहा गया है कि अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर एशिया में जारी संकट के कारण "विमान ईंधन की कीमतों में हुई भारी बढ़ोतरी" को देखते हुये ईंधन शुल्क लगाया जा रहा है।
इससे पहले एयर इंडिया और एयर इंडिया एक्सप्रेस ने घरेलू मार्गों पर 399 रुपये ईंधन शुल्क लगाने की घोषणा की थी। अंतर्राष्ट्रीय मार्गों पर पहले से लगाये जा रहे ईंधन शुल्क में 50 डॉलर तक की बढ़ोतरी की गयी है।
प्रमुख विमान सेवा कंपनी इंडिगो ने भी घरेलू मार्गों पर 425 रुपये ईंधन शुल्क लगाने की घोषणा की है। साथ ही अंतर्राष्ट्रीय मार्गों पर 2,300 रुपये तक ईंधन शुल्क लगाया जायेगा।
उल्लेखनीय है कि अमेरिका और इजरायल की संयुक्त सैन्य कार्रवाई में ईरान पर किए गये हमले और उसके जवाब में ईरान द्वारा विभिन्न पश्चिमी एशियाई देशों में अमेरिकी सैन्य ठिकानों और अन्य इलाकों पर किये गये हमले के कारण पश्चिमी एशिया में स्थिति काफी खराब हो गयी है। इस कारण एक तरफ कच्चे तेल की आपूर्ति बाधित हुई है जिससे विमान ईंधन की कीमत बढ़ी है। दूसरी तरफ पश्चिम एशिया के कई देशों ने अपने हवाई क्षेत्र को वाणिज्यिक उड़नों के लिए प्रतिबंधित कर दिया है जिससे यूरोप और अमेरिका जाने वाली उड़ानों को लंबा रास्ता तय करना पड़ रहा है।
आमतौर पर विमान सेवा कंपनियों के कुल व्यय में 35 प्रतिशत से 40 प्रतिशत हिस्सा विमान ईंधन के मद में खर्च होता है।
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