अमृतसर , जनवरी 30 -- पंजाब के लुधियाना में एक पुलिस चौकी में एक सिख युवक टैक्सी ड्राइवर, रंजीत सिंह पर हुए हमले के संबंध में श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार ज्ञानी कुलदीप सिंह गडगज्ज के सख्त संज्ञान लेने के बाद, शुक्रवार को लुधियाना के डिवीजन आठ पुलिस स्टेशन में आरोपी पुलिसकर्मियों के साथ-साथ उन आरोपी व्यक्तियों के खिलाफ दो अलग-अलग प्राथमिकी दर्ज की गयी हैं, जिन्होंने युवक के साथ दुर्व्यवहार किया और सिख धर्म के बारे में अपमानजनक टिप्पणी की।
श्री अकाल तख्त साहिब के सचिवालय के मीडिया सलाहकार जसकरण सिंह ने बताया कि 26 जनवरी को लुधियाना निवासी रंजीत सिंह, जो एक टैक्सी ड्राइवर है, लुधियाना शहर में यात्रा कर रहा था, जब उसकी गाड़ी दूसरी गाड़ी से टकरा गयी। इसके बाद, दूसरी गाड़ी के तीन व्यक्तियों ने उसे रास्ते में रोक लिया, उसके साथ दुर्व्यवहार किया, उसकी गाड़ी पर लगी जरनैल सिंह भिंडरांवाले की तस्वीर फाड़ने की कोशिश की, और सिख धर्म के बारे में अपमानजनक टिप्पणी की। उन्होंने बताया कि आरोपी व्यक्तियों ने फिर पुलिस को बुलाया, जो रंजीत सिंह को मौके से अपनी गाड़ी में लुधियाना शहर में कैलाश पुलिस चौकी ले गयी, जहां उसे बेरहमी से पीटा गया।
जसकरण सिंह ने बताया कि घटना के संबंध में रंजीत सिंह द्वारा पोस्ट किये गये वीडियो और पुलिसकर्मियों और आरोपी व्यक्तियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर उसके परिवार द्वारा किये गये विरोध प्रदर्शनों का गंभीर संज्ञान लेते हुए, श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार ज्ञानी कुलदीप सिंह गडगज्ज ने लुधियाना के पुलिस आयुक्त स्वप्न शर्मा से बात की और उनसे इस मामले में तत्काल और सख्त कार्रवाई करने को कहा। उन्होंने यह भी कहा कि अगर तुरंत कार्रवाई नहीं की गयी, तो वह खुद पीड़ित सिख के साथ एकजुटता दिखाने के लिए विरोध स्थल पर पहुंचेंगे। इसके बाद, लुधियाना पुलिस ने रंजीत सिंह की शिकायत पर पुलिसकर्मियों और आरोपी व्यक्तियों के खिलाफ मामला दर्ज किया।
जत्थेदार ज्ञानी कुलदीप सिंह ने कहा कि पंजाब में किसी भी सिख नौजवान के साथ कोई भी अन्याय बर्दाश्त नहीं किया जा सकता, और प्रशासन को उन लोगों के खिलाफ कार्रवाई करनी चाहिए जो किसी भी धर्म के प्रति बुरी भावना रखते हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे असामाजिक तत्वों पर लगाम लगाने की ज़रूरत है। उन्होंने कहा कि अगर कानून को बनाये रखने की ज़िम्मेदारी जिन पुलिस वालों पर है, वही कानून तोड़ेंगे, तो आम लोग न्याय के लिए कहां जाएंगे।
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