बागपत , फरवरी 8 -- गुजरात एवं महाराष्ट्र के राज्यपाल आचार्य देवव्रत ने कहा है कि रासायनिक उर्वरकों के अंधाधुंध प्रयोग से कृषि भूमि की उर्वरता घट रही है और कई स्थानों पर मिट्टी बंजरता की ओर बढ़ रही है। वह रविवार को छपरौली स्थित गॉडविन ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशंस के रजत जयंती समारोह में बोल रहे थे।

उन्होंने कहा कि यूरिया सहित रासायनिक उर्वरकों के अत्यधिक उपयोग से मिट्टी का संतुलन बिगड़ रहा है और मित्र कीट, केंचुए व सूक्ष्म जीव नष्ट हो रहे हैं। कई क्षेत्रों में ऑर्गेनिक कार्बन का स्तर 0.5 से नीचे पहुंचना चिंता का विषय है। उन्होंने किसानों से प्राकृतिक खेती अपनाने की अपील की।

राज्यपाल ने गुरुकुल कुरुक्षेत्र में संचालित प्राकृतिक खेती के अनुभव साझा करते हुए किसानों को अपनी भूमि के एक हिस्से में इसका प्रयोग शुरू करने का सुझाव दिया। उन्होंने जीवामृत तैयार करने की विधि भी बताई तथा निःशुल्क प्रशिक्षण कार्यक्रमों से जुड़ने का आह्वान किया।

उन्होंने कहा कि प्राकृतिक खेती से लागत घटेगी, आय बढ़ेगी और पर्यावरण संरक्षण संभव होगा। इस अवसर पर प्रगतिशील किसानों को सम्मानित किया गया तथा जनप्रतिनिधि और प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित रहे।

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