देहरादून , अप्रैल 07 -- उत्तराखंड के खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले के अपर आयुक्त पीएस पांगती ने एलपीजी और अन्य पेट्रोलियम उत्पादों की उपलब्धता एवं खाद्य सुरक्षा तैयारियों और आवश्यक वस्तुओं पर अद्यतन जानकारी प्रदान की।
श्री पांगती ने बताया कि प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना के अंतर्गत अंत्योदय एवं प्राथमिक परिवार के राशन कार्ड धारक माह अप्रैल में तीन महीनों (अप्रैल, मई एवं जून) का एकसाथ राशन निकटतम गल्ला केंद्रों से प्राप्त कर रहे हैं। प्रदेश में 14 लाख राशन कार्ड धारक परिवारों को तीन महीनों का राशन एक साथ आवंटित किए जा रहे हैं।
उन्होंने बताया कि घरेलू गैस की आपूर्ति पूरे प्रदेश में नियमित रूप से सुनिश्चित की जा रही है। राज्य में डीजल एवं पेट्रोल की कोई कमी नहीं है। अस्पतालों, शैक्षणिक संस्थानों को नियमित रूप से गैस की आपूर्ति की जा रही है। उन्होंने कहा कि व्यावसायिक सिलेंडर के संबंध में 66 फीसदी वितरण को शासन द्वारा मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) जारी की गई है। जिसमें होटल एवं रिजॉर्ट, रेस्टोरेंट एवं ढाबा, गेस्ट हाउस, पेइंग गेस्ट सुविधा, होम स्टे, विवाह समारोह एवं उद्योगों को 6310 सिलेंडर दैनिक रुप वितरण किए जाएंगे।
अपर आयुक्त खाद्य ने बताया कि चारधाम यात्रा और शादियों के सीजन की तैयारियों के लिए विशेष तैयारी सरकार की गई है। चारधाम यात्रा एवं पयर्टन सीजन को देखते हुए मुख्य सचिव की ओर से भारत सरकार को राज्य की ओर से मांग प्रेषित कर दी गई है। जिसमें अनुरोध किया गया है कि माह अप्रैल से नवंबर तक उत्तराखंड को व्यवसायिक एलपीजी का शत-प्रतिशत आवंटन पूर्ववत बनाया रखा जाए। उसमें भी पांच फीसदी अतिरिक्त कोटा राज्य सरकार की तरफ से मांग की गई है।
श्री पांगती ने बताया कि प्रवासी मजदूरों एवं विद्यार्थियों के लिए पांच किलो के सिलेंडर पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध हैं। प्रदेश में सभी गैस एजेंसियों को निर्देशित किया गया है कि डिलीवरी सुनिश्चित हो। उन्होंने बताया कि राज्य में प्रवासी मजदूरों एवं विद्यार्थियों के लिए पांच किलोग्राम का छोटू सिलेंडर (एफटीएल- फ्री ट्रेड एलपीजी) को पहचान पत्र पर किसी भी गैस एजेंसी पर प्राप्त किया जा सकता है।
पैनिक बुकिंग के संबंध में श्री पांगती ने बताया कि विगत 25 दिन में 15 मार्च को राज्य में सबसे ज्यादा पैनिक बुकिंग की गई थी। जिसकी संख्या 90 हजार थी लेकिन 06 अप्रैल को स्थिति सामान्य हुई है। जिसकी संख्या 45 हजार रही। उन्होंने दावा किया कि फिलहाल प्रदेश में एलपीजी बुकिंग सामान्य स्थिति में है। पीएनजी के संबंध मेंं उन्होंने बताया कि प्रदेश में पीएनजी कनेक्शन की संख्या बढ़ाने के लिए युद्ध स्तर पर काम हो रहा है। भारत सरकार के निर्देशानुसार पीएनजी विस्तार को लेकर भी उत्तराखंड में सिटी गैस वितरण और वैकल्पिक ईंधन के क्षेत्र में राज्य में 5 सिटी गैस वितरण कंपनियां कार्य कर रही हैं, जिनमें देहरादून में गेल गैस, उधम सिंह नगर में आईओसी-अडानी गैस प्रा लि., हरिद्वार में एचएनजीपीएल और नैनीताल में एचपीसीएल शामिल हैं।
अपर आयुक्त ने बताया कि राज्य में सीएनजी, घरेलू पीएनजी और वाणिज्यिक एवं औद्योगिक पीएनजी की आपूर्ति में कोई बाधा या प्रतिबंध नहीं है। वर्तमान में प्रदेश में 37 हजार घरों में पीएनजी कनेक्शन चालू हैं। उन्होंने बताया कि राज्य में वैकल्पिक ईंधन व्यवस्था को लेकर वन विभाग द्वारा सभी लकड़ी के टॉल्स में पर्याप्त मात्रा में व्यवस्था सुनिश्चित कर ली गई है। उन्होंने बताया कि कालाबाजारी रोकने के लिए अब तक 6,205 निरीक्षण और 373 छापे मारे गए हैं, जिनके परिणामस्वरूप 19 प्राथमिकी दर्ज की गईं, सात गिरफ्तारियां हुईं और 16 नोटिस जारी किए गए।
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