, Feb. 1 -- टोक्यो, 01 फरवरी (वार्ता/शिन्हुआ) जापान की प्रधानमंत्री साने ताकाइची ने हाथ में चोट का हवाला देते हुए रविवार को सार्वजनिक प्रसारक एनएचके पर सीधे प्रसारित होने वाली पार्टी नेताओं बहस में अंतिम समय पर शामिल होने का कार्यक्रम रद्द कर दिया। इस फैसले को लेकर विपक्षी दलों ने ताकाइची की कड़ी आलोचना की है।
प्रधानमंत्री की जगह लिबरल डेमोक्रेटिक पार्टी (एलडीपी) की पॉलिसी रिसर्च काउंसिल के कार्यकारी कार्यवाहक अध्यक्ष नोरीहिसा तमुरा कार्यक्रम में शामिल हुए। उन्होंने कहा कि चुनाव प्रचार के दौरान लगातार हाथ मिलाने और लगातार गतिविधियों के कारण सुश्री ताकाइची के हाथ में खिंचाव आ गया, जिसके कारण वह कार्यक्रम में शामिल नहीं हो सकीं।
विपक्षी नेताओं ने हालांकि इस अचानक लिये गये फैसले पर नाराजगी जताई। जापानी कम्युनिस्ट पार्टी की अध्यक्ष तोमोको तमुरा ने सोशल मीडिया पर लिखा कि उन्हें कार्यक्रम शुरू होने से महज 30 मिनट पहले प्रधानमंत्री के कार्यक्रम के लिए उपलब्ध न होने की सूचना दी गयी, जिससे प्रसारक एनएचके में कुछ समय के लिए "अव्यवस्था" की स्थिति पैदा हो गयी।
उन्होंने कहा कि जब चुनावी अवधि के दौरान पार्टी नेताओं को सार्वजनिक बहस के अवसर पहले ही सीमित होते हैं, ऐसे में मतदाताओं से यह उम्मीद कैसे की जा सकती है कि वे ऐसे उम्मीदवार पर भरोसा करें जो 'बहस के लिए सामने ही नहीं आता।'रेइवा शिनसेनगुमी की सह-अध्यक्ष आकिको ओइशी ने भी प्रधानमंत्री के फैसले की आलोचना की। उन्होंने जापानी मीडिया की हालिया रिपोर्टों का हवाला देते हुए कहा कि फैमिली फेडरेशन फॉर वर्ल्ड पीस एंड यूनिफिकेशन (पूर्व में यूनिफिकेशन चर्च) से जुड़े समूहों ने कथित तौर पर सुश्री ताकाइची से जुड़े एलडीपी के एक संगठन को राजनीतिक फंडरेज़िंग पार्टी के टिकट खरीदकर धन मुहैया कराया।
सुश्री ओइशी ने कहा कि वह इस मुद्दे पर कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री से सीधे सवाल करने वाली थीं, लेकिन उनकी अनुपस्थिति के कारण ऐसा नहीं हो सका। उन्होंने प्रधानमंत्री से मतदान दिवस से पहले 'जनता को स्पष्टीकरण देने' की मांग की।
इससे पहले आयोजित एक अन्य पार्टी नेताओं की बहस में भी कुछ जापानी मीडिया संस्थानों ने नोट किया था कि जब सुश्री ओइशी ने यूनिफिकेशन चर्च से कथित संबंधों को लेकर सवाल उठाये, तो प्रधानमंत्री ताकाइची असहज और नाराज नजर आयीं। उस बहस की वीडियो क्लिप बाद में सोशल मीडिया पर व्यापक चर्चा का विषय बनी थी।
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