लखनऊ , फरवरी 20 -- नई दिल्ली स्थित भारत मंडपम में आयोजित आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस (एआई) इंपैक्ट समिट के दौरान भारतीय युवा कांग्रेस के प्रदर्शन की मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कड़ी निंदा की है। उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत की छवि खराब करने का प्रयास दुर्भाग्यपूर्ण है और ऐसे कृत्यों के खिलाफ कठोरतम कार्रवाई होनी चाहिए।
बजट 2026-27 पर चर्चा के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि राजनीति में मतभेद स्वाभाविक हैं, लेकिन जब 100 से अधिक देशों के प्रतिनिधि भारत में उपस्थित हों, तब देश की प्रतिष्ठा से खिलवाड़ करना उचित नहीं है। मुख्यमंत्री ने कहा कि हर भारतवासी को ऐसे कृत्यों की निंदा करनी चाहिए और देश की छवि को नुकसान पहुंचाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में एआई इंपैक्ट समिट में 20 से अधिक देशों के राष्ट्राध्यक्ष और 100 से अधिक देशों के प्रतिनिधि भाग ले रहे हैं और भारत तकनीकी क्षेत्र में नए वैश्विक नेतृत्व के रूप में उभर रहा है। उन्होंने इंडस्ट्री 4.0 और इंडस्ट्री 5.0 का उल्लेख करते हुए कहा कि भारत मानव-केंद्रित और मूल्य आधारित औद्योगिक मॉडल की ओर बढ़ रहा है।
उन्होंने कहा कि सरकार के निरंतर प्रयासों से प्रदेश ने कानून-व्यवस्था, स्थिरता और निवेश के ड्रीम डेस्टिनेशन के रूप में अपनी नई पहचान बनाई है। उन्होंने ट्रिपल टी (टेक्नोलॉजी, ट्रस्ट और ट्रांसफॉर्मेशन) को प्रदेश की प्रगति का आधार बताया।
गौरतलब है कि भारतीय युवा कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने नई दिल्ली में भारत मंडपम में आयोजित इंडिया आर्टिफिशियल इंटेजीजेंस (एआई) इम्पैक्ट सम्मेलन के दौरान शुक्रवार को विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी पर देश की अस्मिता से समझौता करने का आरोप लगाते हुए उनके ख़िलाफ़ नारेबाज़ी की। युवा कांग्रेस के नेताओं का कहना था कि सरकार एआई और डिजिटल प्लेटफॉर्म के नाम पर देश के संसाधनों और डेटा सुरक्षा से जुड़े गंभीर सवालों पर जवाब देने से बच रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि सम्मेलन को केवल प्रचार का माध्यम बनाया गया है, जबकि युवाओं की रोजगार, शिक्षा और तकनीकी पारदर्शिता से जुड़ी चिंताओं पर कोई ठोस चर्चा नहीं हो रही है।
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