बैतूल , दिसंबर 16 -- मध्यप्रदेश में बैतूल जिले की शाहपुर तहसील अंतर्गत भयावाड़ी गांव में अंतरजातीय विवाह करने वाले दंपतियों और उनके परिजनों पर जाति पंचायतों द्वारा दबाव बनाए जाने के गंभीर आरोप सामने आए हैं। सामाजिक बहिष्कार, अपमान और जुर्माना वसूली जैसे मामलों को लेकर आधा दर्जन से अधिक प्रभावित परिवारों ने मंगलवार को जिला कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक को लिखित शिकायत सौंपी है।
एक पीड़िता ने शिकायत में बताया कि छह वर्ष पूर्व प्रेम विवाह करने के बाद से गांव के कुछ प्रभावशाली लोग उसे और उसके परिवार को नीच जाति कहकर अपमानित कर रहे हैं। आरोप है कि जाति पंचायत ने उन्हें सामाजिक रूप से बहिष्कृत कर दिया है। न तो उन्हें गांव के सामाजिक कार्यक्रमों में शामिल होने दिया जाता है और न ही रिश्तेदारों को उनके घर आने की अनुमति है। लगातार अपमान और भय के चलते पीड़िता को गांव छोड़कर बाहर रहने को मजबूर होना पड़ा है।
यह मामला केवल एक परिवार तक सीमित नहीं है। अन्य अंतरजातीय विवाह करने वाले जोड़ों के परिजनों ने भी शिकायत में बताया कि जाति पंचायतों द्वारा उन पर आर्थिक दबाव डाला जा रहा है। एक पीड़ित परिजन के अनुसार, बेटे के अंतरजातीय विवाह करने पर पंचायत ने 30 हजार रुपये का जुर्माना लगाया, जिसे मजबूरी में चुकाना पड़ा।
शिकायतकर्ताओं का आरोप है कि जात मिलाने और सामाजिक मर्यादा के नाम पर पंचायतें जबरन रकम वसूल रही हैं। विरोध करने पर उन्हें गांव की बैठकों और सामाजिक आयोजनों से बाहर कर दिया जाता है।
एएसपी कमला जोशी ने बताया कि भयावाड़ी गांव से प्रेम विवाह के विरोध और सामाजिक बहिष्कार से संबंधित शिकायतें प्राप्त हुई हैं। करीब 10 लोगों के खिलाफ आवेदन मिले हैं, जिनकी जांच की जा रही है। पीड़ितों ने एससी-एसटी अत्याचार निवारण अधिनियम सहित अन्य सख्त धाराओं में कार्रवाई की मांग की है।
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