मुंबई , अप्रैल 05 -- सामाजिक कार्यकर्ता अंजलि दमानिया ने स्वयंभू बाबा अशोक खरात मामले में व्यापक जांच की मांग करते हुए राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) के वरिष्ठ नेता सुनील तटकरे को उनकी नाटकीय टिप्पणियों के लिए फटकार लगाई है। उन्होंने आरोप लगाया कि इन टिप्पणियों का मकसद लोगों का ध्यान अपने खुद के संबंधों से भटकाना था।

सुश्री दमानिया ने रविवार को मीडियाकर्मियों से बात करते हुए श्री तटकरे के उस विवादास्पद बयान को खारिज कर दिया जिसमें उन्होंने कहा था कि अशोक खरात को फांसी दी जानी चाहिए। सुश्री दमानिया ने इसे एक गंभीर रुख मानने के बजाय "महज एक डायलॉग" करार दिया। उन्होंने दावा किया कि श्री तटकरे का असली रुख तो यह लगता है कि उन लोगों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए जिन्होंने जानबूझकर या अनजाने में खरात का समर्थन किया।

सुश्री दमानिया के अनुसार, इस मामले के संबंध में कई बड़े नाम सामने आए हैं, जिनमें एक उपमुख्यमंत्री का नाम भी शामिल है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि सच्चाई का पता लगाने और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए एक विस्तृत जांच आवश्यक है।

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