लंदन , दिसंबर 28 -- यूनाइटेड किंगडम के दबाव और वीजा प्रतिबंधों की धमकी के बाद अंगोला और नामीबिया अवैध प्रवासियों और अपराधियों को वापस लेने पर सहमत हो गए हैं। स्काई न्यूज के हवाले से यह जानकारी उपलब्ध कराई गई है।
पिछले महीने 17 नवंबर को 'द टाइम्स' ने बताया था कि यूनाइटेड किंगडम अंगोला, नामीबिया और कांगो लोकतांत्रिक गणराज्य (डीआरसी) के निवासियों के लिए वीजा पर प्रतिबंध लगा सकता है क्योंकि अफ्रीकी सरकारें निर्वासित किए गए प्रवासियों की वापसी पर लंदन के साथ सहयोग करने में आनाकानी कर रही हैं। गौरतलब है कि इन देशों ने 4,000 से अधिक अवैध प्रवासियों और विदेशी अपराधियों को वापस लेने से इनकार कर दिया था।
शनिवार की देर रात रिपोर्ट में कहा गया कि अंगोला और नामीबिया के सहमत होने के बाद युनाइटेड किंगडम को अब कांगो से प्रवासन मुद्दों पर सहयोग की उम्मीद है। फिर भी यूनाइटेड किंगडम की मांगें अभी भी पूरी नहीं हुई हैं। अखबार ने कहा कि यूनाइटेड किंगडम की सरकार कांगो के नागरिकों पर पूरी तरह से वीजा प्रतिबंध लगा सकती है। इस बीच कांगो के अधिकारियों से पहले ही वीजा विशेषाधिकार छीन लिए गए हैं।
यूनाइटेड किंगडम के गृह मंत्रालय के आंकड़ों का हवाला देते हुए रिपोर्ट में कहा गया है कि जुलाई 2024 से यूनाइटेड किंगडम से लगभग 50,000 अवैध प्रवासियों को निर्वासित किया गया है, जो पिछले आंकड़ों से 23 प्रतिशत अधिक है। बिना दस्तावेज वाले प्रवासी अक्सर अवैध रूप से यूनाइटेड किंगडम पहुंचने और शरणार्थी का दर्जा हासिल करने का कोई भी मौका ढूंढने से नहीं चुकते हैं, जिससे उन्हें वित्तीय लाभ और सामाजिक कार्यक्रमों तक पहुंच मिलती है।
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