देहरादून , जनवरी 11 -- उत्तराखंड के पौड़ी गढ़वाल जनपद में हुए अंकिता भंडारी प्रकरण में दोषियों को आजीवन कारावास का दण्ड घोषित होने के बाद मामले में कथित वीआईपी का नाम शामिल होने की चर्चाओं के बाद मामले की उच्चतम न्यायालय के पदस्थ न्यायाधीश की निगरानी में सीबीआई जांच की मांग करते हुए रविवार को आयोजित प्रदेश बंद का मिश्रित असर रहा।

विभिन्न संगठनों और राजनैतिक दलों ने इस बंद का आह्वान किया था।

राजधानी देहरादून, तीर्थनगरी हरिद्वार, ऋषिकेश, नैनीताल, उद्यमसिंह नगर, में बन्द का कोई विशेष प्रभाव नहीं देखने में आया। जबकि अल्मोडा, पिथौरागढ़, उत्तरकाशी, चमोली में मिला जुला असर रहा।

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