नई दिल्ली, फरवरी 13 -- 14 फरवरी यानी वैलेंटाइन डे। ये दिन मोहब्बत करने वालों के लिए बेहद खास होता है। प्रेमी जोड़े अपने इश्क का इजहार करते हैं। लेकिन जरूरी नहीं कि सबका इश्क मुकम्मल हो जाए। प्यार में टूटे उन आशिकों के लिए गुलजार साहब की ये सैड शायरी। वैलेंटाइन डे स्पेशल गुलजार साहब की शायरीGulzar Sahab Ki Shayari In Hindiवो मोहब्बत भी तुम्हारी थी नफरत भी तुम्हारी थी, हम अपनी वफ़ा का इंसाफ किससे माँगते..वो शहर भी तुम्हारा था वो अदालत भी तुम्हारी थी. यूँ भी इक बार तो होता कि समुंदर बहताकोई एहसास तो दरिया की अना का होता बेशूमार मोहब्बत होगी उस बारिश की बूँद को इस ज़मीन से, यूँ ही नहीं कोई मोहब्बत मे इतना गिर जाता है!आप के बाद हर घड़ी हम ने आप के साथ ही गुज़ारी हैतुम्हारे ग़म के ज़ज़्बातों से उभरेगा कौन, ग़र हम भी मुक़र गए तो तुम्हें संभालेगा कौन!त...