नई दिल्ली, फरवरी 6 -- सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को कुछ राज्यों में कार्यवाहक पुलिस महानिदेशक (DGP) के चलन पर कड़ी नाराजगी जाहिर की और कहा कि इस प्रथा पर रोक लगनी चाहिए। शीर्ष अदालत ने कई राज्य सरकारों द्वारा डीजीपी की नियुक्ति के लिए ‌संघ लोकसेवा आयोग (UPSC) को प्रस्ताव भेजने में देरी पर संज्ञान लेते हुए यह टिप्पणी की है। मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत (CJI) और न्यायमूर्ति जॉयमाल्य बागची की पीठ ने इसे गंभीरता से लेते हुए कहा कि राज्यों को डीजीपी की नियुक्ति के लिए UPSC को प्रस्ताव भेजने में देरी नहीं करनी चाहिए। इसके साथ ही, शीर्ष अदालत ने UPSC को डीजीपी की नियुक्ति के लिए प्रस्ताव भेजने के लिए राज्यों को रिमाइंडर भेजने का अधिकार दिया। पीठ ने साफ कहा है कि यदि रिमाइंडर भेजने के बाद भी कोई राज्य प्रस्ताव नहीं भेजता है तो UPSC ऐसे राज्यों के खिला...