संजोग मिश्र, फरवरी 6 -- 18 फरवरी से शुरू हो रही हाईस्कूल और इंटरमीडिएट परीक्षा के दौरान यूपी बोर्ड पहली बार जैमर का उपयोग करने जा रहा है। प्रदेश सरकार की मंशा के अनुरूप नकलविहीन परीक्षा के लिए पायलट प्रोजेक्ट के रूप में बोर्ड ने प्रदेशभर के कुल 8033 परीक्षा केंद्रों में से 20 केंद्रों पर जैमर लगाने का निर्णय लिया है। जैमर लगने से प्रश्नपत्र या अन्य परीक्षा सामग्री व्हाट्सएप या सोशल मीडिया के जरिए परीक्षा केंद्र के बाहर नहीं भेजी जा सकेगी। प्रयोग सफल होने पर आगामी परीक्षा से जैमर का उपयोग अन्य केंद्रों पर भी किया जाएगा। खासतौर से अति संवेदनशील और संवेदनशील केंद्रों पर जैमर लगने से परीक्षा की शुचिता बनाए रखने में सहायता मिलेगी। इन 20 केंद्रों में प्रयागराज के स्कूल भी शामिल है। हालांकि ये 20 जैमर किन केंद्रों पर लगेंगे इस बात को गोपनीय रखा ...