लखनऊ, अक्टूबर 30 -- उत्तर प्रदेश के 1.43 लाख शिक्षामित्रों के मानदेय में वृद्धि के प्रस्ताव की जांच के लिए गठित चार सदस्यीय कमेटी ने मानदेय बढ़ाने पर कोई भी निर्णय लेने से मना कर दिया है। कमेटी ने अपने पत्र में साफ किया है कि मानदेय बढ़ाने का निर्णय लेना उनके अधिकार क्षेत्र से बाहर है, क्योंकि इससे राज्य सरकार पर बड़ा अतिरिक्त भार पड़ेगा। यदि मानदेय में केवल 1000 की भी वृद्धि की जाती है, तो 157 करोड़ का सालाना खर्च आएगा। वर्तमान में 1.43 लाख शिक्षामित्रों पर कुल 1577.95 करोड़ का खर्च आता है। कमेटी ने शासन से अनुरोध किया है कि वे इस महत्वपूर्ण निर्णय को मंत्री परिषद या किसी अन्य सक्षम उच्च स्तर से लें। बता दें, शिक्षामित्रों का मानदेय पहले ही छह बार बढ़ाया जा चुका है। इस ताजा घटनाक्रम के कारण, मानदेय वृद्धि के लिए शिक्षामित्रों को अभी और इंतजा...
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