देहरादून, फरवरी 26 -- उत्तराखंड में समान नागरिक संहिता (यूसीसी) लागू होने के बाद से अब तक केवल सात जोड़ों ने अपने लिव-इन रिलेशनशिप को इसके तहत रजिस्टर्ड कराया है। आधिकारिक यूसीसी वेबसाइट पर उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, यूसीसी के तहत कुल 5,112 लोगों ने विवाह या विवाह की स्वीकृति के लिए रजिस्ट्रेशन कराया है। इस तरह लिव-इन रिलेशनशिप रजिस्ट्रेशन की काफी कम संख्या कानून के प्रावधानों के प्रति आम लोगों कम दिलचस्पी को दिखाती है। देहरादून के एक 63 वर्षीय शख्स ने लिव-इन रिलेशनशिप के लिए रजिस्ट्रेशन अनिवार्य करने के औचित्य पर सवाल उठाया। यह शख्स तीन दशकों से लिव-इन रिलेशनशिप में रह रहे हैं। उन्होंने कहा- मुझे यह समझ में नहीं आता कि सरकार ने यह प्रावधान क्यों लगाया। महिलाएं विवाह में भी सुरक्षित नहीं हैं तो लिव-इन रिलेशनशिप पर इसे क्यों थोपा जा रहा है?...
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