नई दिल्ली, फरवरी 10 -- केंद्र सरकार के शिक्षा मंत्रालय ने यह स्पष्ट कर दिया है कि शिक्षकों की भर्ती और सेवारत शिक्षकों की प्रमोशन के लिए शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) अनिवार्य है। शिक्षा मंत्रालय में राज्य मंत्री जयंत चौधरी ने लोकसभा में एक प्रश्न के उत्तर में बताया कि सेवारत शिक्षक तब तक प्रमोशन पाने के योग्य नहीं होंगे, जब तक वे टीईटी पास नहीं कर लेते। उन्होंने बताया कि सुप्रीम कोर्ट के आदेशानुसार जिन शिक्षकों की नौकरी 5 वर्ष से अधिक बची है, उन्हें सितंबर 2025 (कोर्ट के फैसले की तिथि) से 2 साल के भीतर टीईटी पास करना ही होगा। जिनकी नौकरी 5 साल से कम बची है, वे बिना टीईटी के रिटायरमेंट तक पद पर बने रह सकते हैं, लेकिन उन्हें भी प्रमोशन का लाभ नहीं मिलेगा। संसद में सरकार ने दोहराया है कि आरटीई एक्ट 2009 की धारा 23 के तहत एनसीटीई ने कक्षा 1...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.