नई दिल्ली, जुलाई 21 -- Sawan Shivratri Jalabhishek timing: इस बार शिवरात्रि पर एक नहीं चार राजयोग बन रहे हैं। ऐसा कहा जाता है कि ये योग सावन की शिवरात्रि पर बनना बहुत ही शुभ संयोग है। सावन मास की चतुर्दशी तिथि को सावन की शिवरात्रि कहते हैं, इस दिन भगवान शिव का जलाभिषेक बहुत पुण्य फल देता है। बुधवार को चतुर्दशी तिथि सुबह 4:40 बजे से शुरू होगी, ऐसे में इस समय से जलाभिषेक कर सकेंगे। इस दिन सुबह भद्रा भी लग रही है, लेकिन मिथुन राशि और स्वर्ग लोक में भद्रा होने की वजह से भक्त पूरे दिन भगवान शिव का जलाभिषेक कर सकते हैं। इसके अलावा भगवान भोलेनाथ की चार पहर पूजा का फल भी मिलता है। इस बार शिवरात्रि पर बन रहे गजकेसरी, बुधादित्य, लक्ष्मी नारायण और सर्वार्थ सिद्धि जैसे संयोग बन रहे हैं। आपको बता दें कि गजकेसरी तब बनता है जब गुरु और चंद्रमा एक-दूसरे स...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.